जिले के बुद्दल ब्लॉक के मंदिर गाला से राजोरी आ रही एक मिनी बस पांच सौ फीट गहरी खाई में गिर गई।
दर्दनाक हादसे में 15 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 22 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
इनमें से 10 घायलों को एयर लिफ्ट कर जीएमसी रेफर किया गया। मरने वालों में चार बच्चे भी शामिल हैं।
अस्पताल के बाहर प्रदर्शन
वहीं एयर लिफ्ट करने में हुई देरी पर लोगों ने जिला अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों को काबू करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें एक युवक के घायल होने की खबर है।
शुक्रवार को करीब 11.30 बजे मिनी बस मंदिर गाला से राजोरी आ रही थी। मनोर गाला के पास सड़क चौड़ीकरण का कार्य चलने के कारण जाम लगा था।
मिट्टी में टायर धंसने से हादसा
जैसे ही बस को जाम से निकालने की कोशिश की गई, उसका टायर मिट्टी में धंस गया और वह पलट कर 500 फीट गहरी खाई में जा गिरी।
मौके पर 11 लोगों की मौके पर मौत हो गई। इसमें 4 बच्चे भी शामिल हैं। वहीं चार घायलों की उपचार के दौरान मौत हो गई। जिला प्रशासन ने तत्काल 10 घायलों को एयर लिफ्ट कर जम्मू मेडिकल कॉलेज भेजा।
मुआवजे का ऐलान
घटना के बाद परिवहन मंत्री चौधरी रमजान, स्वास्थ्य मंत्री शब्बीर खान और विधायक जुल्फीकार अली ने राजोरी पहुंचकर घटना की जानकारी ली।
हादसे में मरे परिवार को मुआवजे के तौर पर सरकार ने एक-एक लाख रुपये और घायलों को 10-10 हजार देने की घोषणा की है। जिला रेड क्रास सोसायटी ने घायलों को उपचार के लिए पांच हजार और मारे गए लोगों के परिजनों को 10-10 हजार दिए।
बस का 25 बार चालान काटा था
वहीं एसएपी ट्रैफिक सुरजीत सिंह ने मंत्री को बताया कि दुर्घटनाग्रस्त मिनी बस के दस्तावेज पूरे नहीं होने पर 25 बार चालान काटा गया है।
आरटीओ जम्मू को इसका परमिट रद करने की सिफारिश की गई थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। दुर्घटना का एक कारण यह भी हो सकता है।