राजोरी।
पाक सेना के बार-बार संघर्षविराम का उल्लंघन कर भारतीय क्षेत्र में नुकसान पहुंचाने के पीछे एलओसी पर घुसपैठ के लिए बेताब बैठे आतंकवादियों के ग्रुप को इस ओर धकेलना है। सैन्य सूत्रों के अनुसार जिले से लगते पीओके के करीब दजर्न भर ऐसे क्षेत्र हैं जहां से पाक द्वारा ट्रेंड आतंकवादी घुसपैठ कर भारतीय क्षेत्र में खून खराबा करने के लिए तैयार बैठे हैं। पाक सेना संर्घषविराम का उल्लंघन करके भारतीय सेना का ध्यान भटकाना चाहती है।
सैन्य सूत्रों के अनुसार पीओके के दजर्न भर ऐसे क्षेत्र हैं, जो आतंकवादियों की घुसपैठ के लिए हॉटस्पॉट माने जाते हैं। इनमें हर क्षेत्र में दर्जन भर के करीब आतंकवादी हथियारों से लैस घुसपैठ करने का इंतजार कर रहे हैं। पाक सेना गोलाबारी कर नियंत्रण रेखा से सटे क्षेत्रों के लोगों के दिलों में डर व खौफ पैदा करती रहती है कि यदि घुसपैठ कर इस ओर आए आतंकवादियों का साथ दिया तो पाक सेना फिर से गोलाबारी नहीं करेगी, क्योंकि उसका मकसद पूरा हो गया होगा। सैन्य सूत्रों के अनुसार पाक सेना व आतंकवादियों के आका एलओसी के इस ओर अपने ओजीडब्ल्यू व स्लीपर सेल को भी सक्रिय करने में जुटी है। सोशल नेटवर्किंग साइट्स जैसे फेसबुक, वाट्सएप, ट्विटर आदि का प्रयोग कर पाक सेना व आंतकवादी इस ओर अपने लोगों को आत्मविश्वास में ले रहे हैं। इसे लेकर सेना भी सतर्क है। सेना ने नियंत्रण रेखा पर चौकसी बढ़ाने के अलावा लोगों पर भी कड़ी नजर बना रखी है। पाक आतंकवादियों के हमदर्द ओजीडब्ल्यू व स्लीपर सेल पर भी भारतीय सेना व खुफिया एजेंसियां नजर बनाए हुए हैं।
सेना के एक अधिकरी के अनुसार जिले के नोशेरा सेक्टर के लाम, झंगड़, कलसियां, खुईरट्टा, केरी, मंजाकोट के तरकुंडी, कांगागली, गंभीर, प्रयाली, नैक्का चिट्टी बकरी, भिंभर आदि ऐसे हॉट स्पॉट हैं जहां से आतंकवादी घुसपैठ के अधिक प्रयास करेंगे। यह सभी जगह ऐसे इंफिल्ट्रेशन रूट हैं जहां सर्दियों में भारी बर्फबारी होती है और इससे पहले ही पाक अपने मनसूबों को पूरा करने में जुटा है। सैन्य अधिकारी भरोसा दिलाते हुए कहते हैं कि भारतीय सेना पाक सेना व पाक आतंकवादियों के घुसपैठ के किसी भी प्रयास को विफल करने के लिए सक्षम व तैयार है। पाक की हर नापाक हरकत का मुंहतोड़ जवाब उसी की भाषा में दिया जाएगा।
वहीं इन सभी बातों की पुष्टि इस बात से भी होती है कि शनिवार को पाक सेना ने जिले के केरी सेक्टर में ताबड़तोड़ गोलियां बरसा कर सेना के एक मेजर सहित चार जवानों को शहीद कर दिया। इस वारदात के बाद जहां एलओसी पर तनाव की स्थिति बनी हुई है वहीं भारतीय सेना पहले से कहीं अधिक सतर्क हो गई है।