अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू।
स्वास्थ्य निदेशालय जम्मू पर शुक्रवार को 34वें दिन भी वेतन के लिए फीमेल मल्टीपर्पज हेल्थ वर्करों ने धरना जारी रखा। महिला कर्मचारियों ने काले दुपट्टे और पुरुष कर्मियों ने काली शर्ट पहनकर सरकार के खिलाफ विरोध जताया। इस बीच चिकित्सा कर्मचारियों की हड़ताल से जिला स्तर के चिकित्सा केंद्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पटरी पर नहीं लौट पाई हैं। चिकित्सा केंद्रों में पहुंच रहे इमरजेंसी के मरीजों को ही चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही हैं। जबकि ओपीडी, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, लैबोरेटरी आदि सेवाएं प्रभावित हैं। सरकार की ओर से हड़ताली कर्मियों को मनाने के सभी प्रयास विफल रहे हैं।
प्रदर्शनकारी कर्मचारी 2211 हेड के तहत फीमेल मल्टीपर्पज हेल्थ वर्करों और अन्य चिकित्सा कर्मियों को पिछले बारह माह का बकाया वेतन जारी करने पर अड़े हुए हैं। इस बीच स्वास्थ्य मंत्री ने भी कर्मियों से हड़ताल वापस लेने की अपील की। लेकिन कर्मचारी अपनी मांग पर डटे हुए हैं। जम्मू-कश्मीर मेडिकल इंप्लाइज फेडरेशन के महासचिव विनोद शर्मा ने कहा कि सरकार कर्मचारियों को उग्र प्रदर्शन के लिए मजबूर कर रही है। कर्मचारियों को पिछले एक साल से वेतन न देना सरकार की कर्मी विरोधी नीतियों को दर्शाता है। सरकार 2211 हेड के कर्मियों के वेतन के मामले को स्थायी तौर पर हल करवाने में विफल रही है। फेडरेशन के प्रधान सुशील सूदन ने कहा कि वर्कर अपने हक के लड़ रहे हैं और मांगें पूरी न होने तक उनका आंदोलन जारी रहेंगे। प्रदर्शन में नीलम कुमारी, जरनैल चौधरी, रोहित सेठ, अनूप सिंह आदि पहुंचे।