राजोरी।
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के राजोरी दौरे के दौरान उनकी उपस्थिति में प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने व सीएम की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले दो सरकारी कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई डीसी ने की है। इतना ही नहीं प्रदर्शन में भाग लेने वाले एक राशन डीलर का लाइसेंस जब्त कर लिया गया है।
डीसी राजोरी डॉ. शाहिद इकबाल चौधरी के अनुसार सीएम के कार्यक्रम के दिन कुछ लोगों ने एक साजिश के तहत प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी प्रदर्शन किया था। इस दौरान कुछ लोगों ने सुरक्षा के लिए बनाए गए गेट नंबर-2 पर पहुंच कर नारेबाजी शुरू कर माहौल को बिगाड़ने का प्रयास किया था। उस समय सीएम से मिलने के लिए करीब पांच हजार लोग मौजूद थे, और यदि वे अधिक शोरशराबा करते तो कानून व्यवस्था बिगड़ सकती थी और भगदड़ भी मच सकती थी।
डीसी ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और जांच में पाया कि लोगों को उकसाने में बाढ़ नियंत्रण विभाग के कर्मचारी जुनैद चौधरी व फूड सप्लाई के राशन डीलर रशीद इकबाल मुख्य रूप से शामिल थे। इन दोनों को तत्काल ही निलंबित कर दिया गया। वहीं फूड सप्लाई विभाग के कर्मचारी का राशन डिपो भी जब्त कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि डीलर द्वारा सरकारी राशन के गबन करने का मामला भी सामने आया है जिसकी भी जांच की जा रही है।
डीसी ने बताया कि पूरे मामले का कड़ा संज्ञान पुलिस भी ले रही है। पुलिस ने कुछ वीडियो की जांच की है जिसमें दर्जन भर लोग ऐसे थे जो इस हंगामे शामिल थे। उनके खिलाफ भी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
उल्लेखनीय है कि शनिवार को मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती राजोरी पहुंची थी। यहां डाक बंगले में उन्होंने दरबार लगाकर लोगों की समस्याएं सुनीं थी। इस दौरान कुछ लोगों ने उस समय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी व प्रदर्शन शुरू कर दिया था। उनका आरोप लगाया था कि प्रशासन ने सीएम से मिलने वाले शिष्टमंडल की सूची में से उनके शिष्टमंडल का नाम नहीं रखा है। एसएसपी जुगल मन्हास के हस्तक्षेप के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए थे।