ड्रैगन के लद्दाख क्षेत्र पर साजिशन कब्जा करते हुए इंच दर इंच बढ़ते कदमों पर कांग्रेस के नेतृत्व में यूपीए सरकार की खामोशी और चीन के प्रति नरम नीति देश सुरक्षा के लिए खतरनाक साबित होगी।
प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह, रक्षा मंत्री एके एंटनी और केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे के इस संदर्भ में आए बयानों से सेना का मनोबल गिरा है।
खासकर लद्दाख का राष्ट्रवादी अवाम भी इससे आहत हुआ है। विपक्षी दलों भाजपा, पैंथर्स, जम्मू स्टेट मोर्चा और जम्मू कश्मीर डेमोक्रेटिक फ्रंट ने यूपीए सरकार के रवैये पर गंभीर एतराज जाहिर किया है।
प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष जुगल किशोर शर्मा का कहना है कि चीन की तरफ से लगातार वास्तविक नियंत्रण रेखा का उल्लंघन किया जा रहा है। चीन सेना के हेलीकाप्टर भी भारतीय वायु सीमा में प्रवेश कर लौट जाते हैं लेकिन यूपीए सरकार इसे नो मेन लैंड करार देते हुए अपना पल्ला झाड़ लेती है।
जुगल किशोर शर्मा के मुताबिक जब तक चीन को सख्त संदेश अथवा जवाब नहीं जाएगा, उसकी हिम्मत बढ़ती जाएगी। शर्मा ने कहा कि कांग्रेस को अब हिंदी चीनी भाई-भाई का राग अलापना बंद करना होगा।
पैंथर्स पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक बलवंत सिंह मनकोटिया के मुताबिक चीन लंबे समय से लद्दाख पर कब्जे की फिराक में है।
तिब्बत पर कब्जा करने के बाद से ही चीन की नजर लद्दाख पर है लेकिन अधिकतर समय सत्ता में रही कांग्रेस ने चीन की रणनीति को न समझकर सिर्फ संयम का परिचय दिया।
अब देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया है। ऐसे मौके पर देश की जिम्मेदारी संभालने वाले प्रधानमंत्री और उनके कैबिने%