जोधपुर में शेरगढ़ थाना इलाके के चतरपुरा गांव में 28 वर्षीय नक्कू देवी की संदिग्ध मौत हो गई। इस महिला का शव पानी के टांके में मिला। इस मामले में आरोप है कि बेटा नहीं होने से ससुराल वाले इस महिला को प्रताड़ित करते थे और ससुर भी बुरी नजर रखता था ।
मृतका के पिता इग्याराम ने शेरगढ़ थाना में ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाकर रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि नक्कू की शादी आठ साल पहले हुई थी और उसके दो बेटियां थी। बेटा नहीं होने के कारण ससुराल वाले उसे प्रताड़ित करते थे। ससुर रेखाराम उसकी बेटी पर गंदी नजर रखता था।
दस अप्रेल को उसका पुत्र खेमाराम अपनी बहन नक्कूदेवी को लेने उसके ससुराल गया तो ससुराल वालों ने पीहर भेजने से इनकार कर दिया। तब नक्कूदेवी ने बताया कि नौ अप्रेल की शाम को उसके ससुर ने उसके साथ जोर जबरदस्ती की। खेमाराम ने परिजनों को घटना से अवगत करवाया। जिस पर इग्याराम उसने अपने दामाद को घटना की जानकारी देते हुए उसके पिता की हरकत बताई तो उसने भी पिता की गलती मानने की बजाय उसकी बेटी को ही दोषी ठहराया।
अगले दिन 11 अप्रेल को नक्कूदेवी के ससुराल से सूचना मिली कि उसने टांके में कूदकर आत्महत्या कर ली है। जबकि नक्कू के शरीर पर चोटों के निशान थे। इग्याराम ने नक्कु के पति नेमाराम मेघवाल, ससुर रेखाराम और सास पेकूदेवी पर दहेज प्रताड़ना, हत्या व लज्जा भंग करने का मामला दर्ज कराया है।