राजस्थान हाईकोर्ट ने राजस्थान विवि के रजिस्ट्रार को 22 जनवरी तक शपथ पत्र पेश कर बताने को कहा है कि 2006 के रिवाइज पे-रूल्स के तहत संशोधित वेतनमान का लाभ क्यों नहीं दिया गया।
न्यायाधीश एसपी शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश डॉ. चांदनी सिन्हा व अन्य की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
याचिका में अधिवक्ता एनसी गोयल ने बताया कि हाईकोर्ट ने 31 मई 2012 को आदेश जारी कर विवि को वर्ष 2006 के नियमों के तहत शिक्षकों के वेतनमान संशोधन के आदेश दिए थे। इसके अलावा राज्य सरकार को फंड जारी करने को कहा था। याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ता संगीत विभाग के प्रोफेसर पद से वर्ष 2009 में सेवानिवृत्त हुई थी। विवि ने आदेश की पालना में वर्ष 2013 में उसका वेतन पुन: निर्धारित कर दिया, लेकिन न तो इसके तहत पेंशन दी गई और न ही बकाया एरियर दिया गया।
जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने विवि रजिस्ट्रार से शपथ पत्र पेश करने को कहा है।