राजस्थान हाईकोर्ट ने हवामहल के पास स्थित गोवर्धन नाथजी के मंदिर में हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए नगर निगम से जवाब मांगा है।
मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नान्द्रजोग और न्यायाधीश वीके व्यास की खंडपीठ ने यह आदेश मंदिर श्रीगोवर्धन नाथजी दर्शनार्थी मंडल की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता विकास काबरा ने अदालत को बताया कि हवामहल के पास स्थित यह मंदिर देवस्थान विभाग के अधीन आता है। मंदिर के परिक्रमा मार्ग और गोखों पर लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। अदालती आदेश पर किए गए सर्वे में सामने आया है कि शहर की बीस अन्य मंदिरों पर भी अतिक्रमण हो रखा है।
वहीं, देवस्थान विभाग की ओर से जवाब पेश कर कहा गया कि विभाग की ओर से निगम को पत्र लिखकर कहा गया है कि यदि मंदिर परिसर में कोई अतिक्रमण है तो उसे हटाने की कार्रवाई की जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने अतिक्रमण हटाने के संबंध में निगम को जवाब पेश करने को कहा है।