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एनकाउंटर प्रकरण में क्यों नहीं किया मुकदमा दर्ज, हाईकोर्ट ने किया जवाब तलब

Wed, 13 Dec 2017 08:31 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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राजस्थान हाईकोर्ट ने पुलिस की ओर से युवक के एनकाउंटर की रिपोर्ट दर्ज नहीं करने पर राज्य सरकार सहित कामां व डीग थाना पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। न्यायाधीश सबीना की एकलपीठ ने यह आदेश किशनसिंह की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए।
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याचिका में अधिवक्ता विजय दत्त शर्मा ने बताया कि याचिकाकर्ता के पुत्र अशोक का गत 30 अगस्त को डीग पुलिस ने गोली मारकर एनकाउंटर कर दिया था। मृतक अशोक के साथ जाने वाले दो व्यक्तियों ने याचिकाकर्ता को बताया था कि वे डीग से करीब तीन किलोमीटर आगे मोटर साइकिल रोककर सड़क किनारे लघुशंका कर रहे थे, इतने में पुलिस ने आकर गोलियां चला दी। जिससे अशोक की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं बाद में पुलिस ने अशोक के खिलाफ पुलिस पार्टी पर गोलियां चलाने का मामला दर्ज करते हुए उसकी ओर से आत्महत्या करने की बात कही।

इस संबंध में एसीजेएम डीग ने गत 11 सिंतबर को यह कहते हुए परिवाद खारिज कर दिया कि सीआरपीसी अध्यादेश, 2017 के तहत देखा जाए तो पुलिसकर्मी अपने कर्तव्य के निर्वहन में काम कर रहे थे। इसके साथ ही अदालत ने अदालती दस्तावेजों से छेड़छाड़ करने पर परिवादी के वकील के खिलाफ कार्रवाई के लिए बीसीआर को लिखा।
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इसके खिलाफ दायर रिवीजन को अपीलीय कोर्ट ने खारिज कर दिया। इससे व्यथित होकर याचिकाकर्ता की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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