राजस्थान में पूर्ण शराबबंदी की मांग कर रही पूनम अंकुर छाबड़ा ने सरकार को ये मान मंगवाने के लिए अब ऐसी चेतावनी दी है जो ने केवल पूनम के लिए ही नहीं बल्कि उनकी कोख में पल रहे बच्चे के खतरनाक भी साबित हो सकती है।
संपूर्ण शराब बंदी आन्दोलन जस्टिस फॉर छाबडा संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूनम अंकुर छाबडा ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को एक पत्र भेज सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया है। उन्होंने पत्र में कहा है कि 8 जून तक संपूर्ण शराब बंदी की मांग नहीं मानी तो वे 9 जून से अनशन पर बैठ जाएंगी। पूनम छाबड़ा इस समय प्रेग्नेंट है। ऐसी हालात में उनकी ये चेतावनी सरकार के लिए बेहद चिंताजनक हो सकती है। उन्होंने पत्र में साफ तौर पर लिखा है कि इस अनशन के दौरान कुछ होता है तो उसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
पूनम अंकुर छाबड़ा का आरोप है कि प्रदेश में संपूर्ण शराब बंदी और सशक्त लोकायुक्त को लेकर अपनी शहादत देने वाले पूर्व विधायक गुरुशरण जी छाबडा के साथ हुए समझौतों को सरकार बार—बार दरकिनार कर रही है। पूनम गुरुशरण छाबड़ा की पुत्रवधु है। इससे पहले वे पिछले साल भी इस मांग को लेकर अनशन कर चुकी है तब भी सरकार की ओर से उन्हें मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया गया था। पूनम ने अनशन शुरु करने के लिए 9 जून इसलिए चुनी है क्योंकि इस दिन गुरुशरण छाबडा की जयंती है।