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यहां वीरेन्द्र दीक्षित के आश्रम में कैदियों की तरह रह रही थी 58 नाबालिग, 7 तहखाने में मिली बंद

Mon, 25 Dec 2017 10:32 AM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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दुष्कर्म और यौनशोषण के आरोपों में फंसे दिल्ली के आध्यात्मिक बाबा वीरेन्द्र देव दीक्षित के आश्रमों पर चाइल्ड वैलफेयर कमेटी की छापेमारी में अब एक और हैरान कर देने वाली स्थिती सामने आई है। राजस्थान के माउंट आबू में दीक्षित के बाल आश्रम में छापेमारी के दौरान चाइल्ड वैलफेयर कमेटी ने कैदियों जैसा जीवन व्यतीत कर रही करीब 58 नाबालिग लड़कियों को छुड़ाया है।
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ये छापेमारी माउंट आबू में आध्यात्मिक गौमुख सेवा समिति के आश्रम में की है। बताया गया है कि इन 58 लड़कियों में से 7 नेपाल की रहने वाली है जिन्हें तहखानों में रखा गया था। सबसे बड़ी बात ये है ये इस तहखाने तक पहुंचने के लिए कमेटी के सदस्यों को कई बंद पड़े दरवाजों को पार करना पड़ा जिनपर मोटे मोटे ताले तक जड़े हुए थे। 

बताया गया है कि यहां रह रही लड़कियों को  आश्रम से बाहर जाने पर सख्त पाबंदी थी वहीं उन्हें यहां ड्रेस कोड दिया गया था जिसमें वो गुलाबी रंग की साड़ी और सफेद ब्लाउज में रहा करती थी। 
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बिना रजिस्ट्रेशन के ही चल रहा था बालाश्रम

बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित का दिल्ली आध्यात्मिक विश्वविद्यालय - फोटो : अमर उजाला
माउंट आबू स्थित आध्यात्मिक गौमुख सेवा समि​ति का ये आश्रम बिना किसी रजिस्ट्रेशन के ही चल रहा था। बाल कल्याण कमेटी के सदस्यों ने आश्रम के कर्मचारियों से जब रजिस्ट्रेशन के बारे में पूछा तो उन्होनें बताया कि आश्रम का रजिस्ट्रेशन को आॅपरेटिव एक्ट के तहत है जबकि बाल कल्याण सेवा के लिए कोई आश्रम चलाने के लिए अलग से रजिस्ट्रेशन करना पड़ता है।


माउंट आबू पुलिस ने कहा है कि आश्रम अभी दो साल पहले ही शुरू हुआ है और ​यहां दिल्ली के आध्यात्मिक गुरू वीरेन्द्र देव को कभी आते नहीं देखा गया। 




 
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