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उपराष्ट्रपति ने बताया, क्यों भारत को माता कहते हैं 'पिता' नहीं

Sun, 07 Jan 2018 07:25 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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समारोह को संबोधित करते उपराष्ट्रपति एम.वैंकेया नायडू - फोटो : amar ujala
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उपराष्ट्रपति एम.वैंकेया नायडू ने महिला शिक्षा को समाज के लिए जरूरी बताते हुए कहा कि एक महिला शिक्षित होती है तो पूरा परिवार शिक्षित होता है।
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दरअसल, उपराष्ट्रपति एम.वैंकेया नायडू आज टोंक के निवाई में वनस्थली विद्यापीठ के 34वें दीक्षांत समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि विश्व में महिलाओं की सबसे बड़ी आवासीय शिक्षण संस्था के दीक्षांत समारोह में भाग लेना उनके लिए प्रसन्नता का विषय है। यहां स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति बोले कि भारत को माता कहते हैं पिता नहीं, क्योंकि हमारे यहां माता का स्थान पूजनीय है।

यहां नदियों के नाम गंगा-जमुना भी महिलाओं के नाम पर हैं। इस मौके पर उन्होंने कहा कि कोई भी यूनिवर्सिटी अपने वर्तमान स्टूडेंट्स के कारण ही ऊंचाइयां नहीं छूती, बल्कि जो स्टूडेंट्स पहले उसमें अध्ययन कर चुके हैं और विभिन्न क्षेत्रों में सफलतापूर्वक कार्य कर रहे हैं उनके कारण भी श्रेष्ठता की ओर बढ़ती है।
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गोल्ड मेडल से किया सम्मानित

छात्राओं को सम्माानित करते उपराष्ट्रपति - फोटो : amar ujala
उपराष्ट्रपति एम.वैंकेया नायडू ने यहां वनस्थली विद्यापीठ की प्रशंसा भी की। उन्होंने कहा कि यहां लाइब्रेरी में दुर्लभ पुस्तकें उपलब्ध हैं। जिन्हें संरक्षित करने के लिए डिजिटलाइजेशन किया गया है। ये सब देखकर यहां लगता है कि परिसर में डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया और क्लीन इंडिया का मिश्रण है।

दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति ने विद्यापीठ के विभिन्न संकायों की कुल 3843 छात्राओंं को उपाधियां और 99 छात्राओंं को गोल्ड मेडल देकर सम्मानित भी किया। समारोह में राजस्थान के उद्योग मंत्री राजपाल सिंह शेखावत, सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री अरुण चतुर्वेदी, सांसद सुखवीर सिंह जौनपुरिया सहित कई पुलिस-प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे।
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