पशु चिकित्सकों का छह दिन से धरना जारी है। वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी और उच्च पदों पर मेडिकल डॉक्टर के समान ग्रेड पे स्वीकृत किए जाने सहित विभिन्न 11 सूत्रीय मांगों को लेकर धरना दिया जा रहा है।
वेटरनरी डॉक्टर्स एसोसिएशन राजस्थान के आह्वान पर पशु चिकित्सकों का छह दिन से धरना जारी है। पशु चिकित्सक 11 सूत्रीय मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि सरकार उनकी मांगें नहीं सुन रही है।
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शासन सचिव पशुपालन विभाग की अध्यक्षता में पशुचिकित्सकों की 11 सूत्रीय मांगों की समीक्षा और निर्णय करने के लिए समिति का गठन किया गया था। जिसमें प्रमुख शासन सचिव वित्त विभाग, प्रमुख शासन सचिव कार्मिक विभाग, शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग एवं शासन सचिव आयुष विभाग की ओर से मनोनीत अधिकारी के सम्मिलित बैठक प्रस्तावित था। शाम को एक और बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए गए। जिसका डॉक्टरों ने बहिष्कार कर दिया।
डॉक्टर्स पिछले काफी समय से वेटरनरी डॉक्टर्स का हार्ड ड्यूटी अलाउंस बढ़ाकर 5000 रुपए मासिक किए जाने, राजस्थान राज्य पशु चिकित्सा परिषद के सभी पद फिर से सृजित कर नई काउंसिल का गठन करने, पीजी वाले वेटरनरी डॉक्टर्स को मेडिकल डॉक्टर्स की तरह तीन अग्रिम वेतन वृद्धि दिए जाने की मांग कर रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि उनकी कोई सुनवाई नहीं हो पा रही। ऐसे में उनमें आक्रोश है।
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एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष डॉ.इंद्रजीत सिंह ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर उन्होंने कुछ समय पूर्व शहीद स्मारक पर भी धरना दिया था। गहलोत सरकार ने कार्यवाही करने का आश्वासन दिया था लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष डॉ. नरेंद्र जाखड़ ने कहा कि यदि सात दिन में सरकार ने उनकी मांग पर कोई कार्यवाही नहीं की तो वह आमरण अनशन करेंगे।