कलाकारों ने अनोखे अंदाज में किया विरोध
- फोटो : amar ujala
प्रदेश में कला के सबसे बड़े केंद्र के रूप में पहचाने जाने वाले जवाहर कला केंद्र की व्यवस्थाओं से कलाकारों की नाराजगी अब खुलकर सामने आ गई है। कलाकारों ने अनोखे अंदाज में जेकेके प्रशासन का विरोध तो किया, साथ ही बड़ी संख्या में आरटीआई भी लगाई है। इन आरटीआई में कलाकारों ने अव्यवस्थाओं से जुड़े सवाल पूछे हैं। सोमवार को विरोध स्वरूप जेकेके कलाकारों ने 80 से ज्यादा आरटीआई लगाई। कलाकारों ने आरटीआई अधिकारी मिताली मिश्रा को सौंपी।
कलाकारों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से जवाहर कला केंद्र का प्रशासन बदला है। इसके साथ ही कलाकारों की परेशानियां बढ़ गई है। खास तौर पर स्थानीय कलाकारों को तवज्जो नहीं दी जा रही। केंद्र कार्यक्रम करवाता तो है, लेकिन उसमें स्थानीय कलाकारों को प्रस्तुति का मौका नहीं दिया जाता। दूसरे राज्यों के कलाकारों ही मौका दिया जाता है। इससे स्थानीय कलाकार हतोत्साहित होते हैं। इस बारे में कई बार प्रशासन को अवगत करवा दिया गया, लेकिन किसी तरह का समाधान नहीं हुआ है।
कलाकार गोपाल स्वामी खेतांची ने बताया कि पिछले दिनों में जवाहर कला केंद्र में अव्यवस्थाओं का आलम है। कलाकारों को प्रदर्शनी के लिए दीर्घा नहीं दी जाती, जबकि बाहरी कलाकारों को सारी सुविधाएं मुहैया करवाई जाती है। कलाकार माधव सिंह ने बताया कि इन दिनों जेकेके में प्रशासन की मनमानी चल रही है। कलाकारों की सुनने वाला कोई नहीं है। इसी लिए सारे कलाकारों ने एक साथ अपनी अपनी आरटीआई लगाकर बुकिंग्स, अव्यवस्थाओं से जुड़ी जानकारी चाही है।