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Jaipur: जयपुर में अखिल भारतीय रबी तिलहन सेमिनार, बाबूलाल डाटा बोले- राजस्थान को सरसों प्रदेश घोषित करे सरकार

Sun, 12 Mar 2023 05:56 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

जयपुर में दो दिवसीय अखिल भारतीय रबी तिलहन सेमिनार के 43वें संस्करण का आगाज हुआ। इसमें सरकार से राजस्थान को सरसों प्रदेश घोषित करने का निवेदन किया गया।
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अखिल भारतीय रबी तिलहन सेमिनार - फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
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खाद्य तेल पर लागू सभी प्रकार के नियमों, कानूनों एवं विभिन्न करों पर विस्तृत चर्चा करने के लिए अखिल भारतीय रबी तिलहन सेमिनार के 43वें संस्करण का आगाज़ जयपुर में हो रहा है। सेमिनार का आयोजन मस्टर्ड ऑयल प्रोड्यूसर्स एसोसियेशन ऑफ इंडिया (मोपा) द्वारा दी सेन्ट्रल आर्गेनाइजेशन फॉर ऑयल इण्डस्ट्री एवं ट्रेड (कुईट) के तत्वावधान में किया जा रहा है। यह जानकारी बाबू लाल डाटा, प्रेसीडेंट, मोपा व कुईट ने होटल क्लार्क आमेर में आयोजित सेमिनार में दी।

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बाबू लाल डाटा ने बताया कि प्रति वर्ष यह रबी सेमिनार भिन्न-भिन्न स्थानों पर आयोजित होता है। पांच वर्ष बाद हमें इस सेमिनार को जयपुर में आयोजित करने का मौका मिल रहा है। रबी सेमिनार में देश के खाद्य तेलों में आत्मनिर्भर बनाने और प्रगति के पथ पर अग्रसर करने पर मंथन होता है। हम सरकार से बार-बार यह निवेदन करते रहे हैं कि सरकार राजस्थान को सरसों प्रदेश घोषित करें। पूरे हिंदुस्तान की करीब 40 से 45 प्रतिशत सरसों राजस्थान में पैदा होती है। यह एक ऐसी पैदावार है जो सबसे कम पानी में पैदा हो जाती है। देश में जितना तिलहन पैदा होता है या जितना तेल खाया जाता है उसका करीब पचास परसेंट तेल विदेश से आयात करना पड़ता है।

सेमिनार तेल तिलहन का महाकुंभ
कुईट चेयरमेन, सुरेश नागपाल ने बताया कि प्रतिवर्ष इस सेमिनार में पूरे देश आयोजित किया जाता है। अनिल चतर, चेयरमैन क्रॉप कमेटी व ज्वाइंट सेक्रेटरी मोपा ने कहा कि यह सेमिनार तेल तिलहन का महाकुंभ है। सेमिनार का आयोजन प्रतिवर्ष, नई दिल्ली आगरा, भरतपुर एवं जयपुर में स्थान बदल-बदल कर किया जाता है। वर्तमान समय नई तकनीक का है। सेमिनार में नई तकनीक की जानकारी प्राप्त होती है। सेमिनार में लगभग 44 स्टाल लगाए जाएंगे, जिनके माध्यम से उन्नत तकनीक से व्यापारियों को मशीनरी निर्माणकर्ताओं से उपयोगी जानकारी साझा करने में सहलूयित मिलती है एवं तेल तिलहन उद्योग को एक बड़ा बाजार उपलब्ध होता है।
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सेमिनार में कुईट चेयरमैन, सुरेश नागपाल, अनिल चतर, चेयरमैन क्रॉप कमिटी एवं जॉइंट सेक्रेटरी मोपा और मोपा प्रवक्ता, दीपक डाटा, सेक्रेटरी, के. के. अग्रवाल, वाइस प्रेसीडेंट, मोपा, सुरेश चंद जैन, विवेक जगवायन, ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी, मोपा, संजय गोयनका और ट्रेजरर मोपा पारस जैन शामिल हुए।

सेमिनार में आज वैज्ञानिक और अन्नदाता अपने विचार रखेंगे
सेमिनार के दूसरे दिन 12 मार्च को प्रातः आठ बजे से बिरला ऑडिटोरियम में कार्यक्रम का आरंभ होगा। इस कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री उपभोक्ता मामलात भारत सरकार, साध्वी निरंजन ज्योति और  उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री, राजस्थान सरकार, शकुंतला रावत जैसे सम्मानीय अतिथि भी शामिल होंगे। कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत प्रातः 10.15 बजे होगी, जिसमें सरकारी अधिकारी, तिलहन विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, तकनिकीविद, तेल उद्योग एवं व्यापार के प्रमुख एवं भारतीय अन्नदाता अपने-अपने विचारों को साझा करेंगे। अंत में लगभग 4 बजे क्रोप एस्टीमेट कमेटी इस वर्ष की रबी फसल के आकलन से सेमिनार में उपस्थित प्रतिनिधियों को अवगत कराएगी। सेमिनार का समापन सेक्रेटरी, के. के. अग्रवाल के धन्यवाद ज्ञापन के साथ होगा।

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