जैसलमेर में तूफान के बाद तबाही के मंजर
- फोटो : amar ujala
पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में मंगलवार को आए तूफान से तबाही का मंजर देखने को मिला। तूफान से कई मकानों की छत उड़ गई और उसके बाद ओलों की मार से कई इलाकों में फसल चौपट हो गई।
श्रीगंगानगर और जैसलमेर जिलों में सबसे ज्यादा नुसकान होने की जानकारी मिली है।श्रीगंगानगर के रावला मंडी में दर्जनभर से ज्यादा मकानों की छत ही उड़ गई और ओलावृष्टि से यहां कपास नरमे की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। तूफान का असर यातायात पर भी देखने को मिला जहां कई पेड़ उखड़कर सड़कों पर आ गिरे और कई घंटों के लिए ट्रैफिक बाधित हो गया।
जैसलमेर में बिजली के कई टावर धराशाई
जैसलमेर के ग्रामीण क्षेत्र व उसके आसपास के इलाकों में आंधी व बारिश से बिजली व्यवस्था ठप हो गई जिससे लोगों को अब तक भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले कुछ दिनों से नहरी क्षेत्र में चली आंधी व तेज गर्मी के कारण बिजली व्यवस्था चरमराई हुई थी। बिजली कि आंख मिचौली के चलते न केवल लोगों को परेशानी हुई, बल्कि बिजली आधारित पेयजल सेवा भी लड़खड़ा गई।
आंधी व तेज हवा के कारण रामदेवरा के पास नाचना आने वाली 132 केवी लाइन का बिजली टॉवर टूटकर नीचे गिर गया। जिसके कारण 132 केवी अजासर व 132 केवी लैंको सोलर प्लांट जीएसएस से होने वाली सारी सप्लाई बंद हो गई।
नाचना के लिए वापस बिजली व्यवस्था सुचारू करने के लिए पुरानी 33 केवी लाइन को वापस सुचारू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। आंधी व तूफान के कारण नाचना क्षेत्र के चक 9 एडब्लूडी में गोमती देवी पत्नी रामस्वरुप के खेत मे सोलर प्लांट की पांच प्लेट तेज आंधी की वजह से टूटकर उड़कर दूर जा गिरी। वही खेत में बने कमरा के ऊपर लगे टिन शेड आंधी की वजह से उड़ गए।