'पद्मावती' फिल्म के रिलीज का विरोध करने वाली श्री राजपूत करणी सेना के संरक्षक लोकेन्द्र सिंह कालवी को पाकिस्तान से जान से मारने की धमकी मिली है। यह चौंकाने वाला खुलासा श्री राजपूत करणी सेना के राजस्थान अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने किया है।
मकराना ने अमर उजाला को बताया कि करणी सेना के प्रवक्ता विजेंद्र सिंह के पास इस सबंध में पाकिस्तान से फोन आया है, जिसकी रिकॉर्डिंग और स्क्रीन शॉट हमने पुलिस के स्पेशल आॅपरेशन ग्रुप (एसओजी) के आईजी दिनेश एम. एन. को सौंप दी गई हैं।
मकराना के अनुसार पाकिस्तान से आए फोन पर फिल्म पद्मावती को रिलीज होने देने की बात कहते हुए धमकी दी गई है कि एेसा नहीं होने दिया, तो कालवी को बम से उड़ा दिया जाएगा।
मकराना के अनुसार आईजी ने तुरंत जांच करवाई और इस बात को माना कि फोन पाकिस्तान से ही था और यह भी कहा कि इस तरह के फोन को हल्के में नहीं लिया जा सकता। मकराना ने बताया कि आईजी दिनेश एम. एन. ने करणी सेना को मामला दर्ज करवाने और घटना की जानकारी जयपुर पुलिस कमिश्नर को देने को भी कहा है।
भंसाली के इशारे पर दाऊद के गुर्गे ने किया था फोन - मकराना
मकराना और कालवी
मकराना का दावा है कि फोन संजय लीला भंसाली के इशारे पर पाकिस्तान में छिपे अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गे ने किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस फोन से स्पष्ट होता है कि पद्मावती फिल्म में दाऊद इब्राहिम का पैसा लगा हुआ है। उन्होंने ये भी दावा किया कि इस तरह की फिल्मों में आईएसआई पैसा लगाता है।
मकराना ने कहा कि अब हम जयपुर पुलिस कमिश्नर को भी इस घटनाक्रम की पूरी जानकारी देने और कालवी को सुरक्षा व्यवस्था मुहैया करवाने के लिए ज्ञापन सौंपेंगे। गौरतलब है कि इससे पहले भाजपा के राज्यसभा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने भी दावा किया था कि इस फिल्म में दाऊद का पैसा लगा हुआ है।
कलक्टर लगा सकता है रोक तो सुप्रीम कोर्ट क्यों नहीं - मकराना
पद्मावती
- फोटो : SOCIAL MEDIA
मकारना ने मीडिया से कहा है कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जब कलक्टर के पास ही किसी भी फिल्म पर रोक लगाने का अधिकार है, तो सुप्रीम कोर्ट क्यों इस फिल्म पर रोक नहीं लगा रहा है।
मकराना ने कहा कि सरकार पर फिल्म रिलीज को लेकर दबाव है, तभी सरकार चुप है और कोई कार्यवाही नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट पर पूरा विश्वास करते हैं। इतिहास आधारित फिल्मों को लेकर सुप्रीम कोर्ट को ही कोई व्यवस्था देनी चाहिए।
उन्होंने फिर चेताया कि फिल्म रिलीज करने की गलती नहीं की जाए। पहले फिल्म उस कमेटी को दिखाई जाए, जिसमें राजपूत समाज के प्रतिनिधि शामिल हों। फिर प्रोमो और गीत रिलीज हों। भले ही फिल्म की रिलीज डेट आगे बढ़ा दी जाए।