आरसीए के चुनावों में 22 साल के रुचिर मोदी चुनाव हार गए हैं। मोदी की हार घोषित होने से पहले ही आरसीए अकेडमी से पूर्व आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी के पोस्टर हटा लिए गए थे। माना जा रहा है कि रुचिर मोदी के हारने के पीछे सबसे बड़ा कारण उनके पिता और उनके साथ लगे हुए आरोप ही रहे हैं।
कहा जा रहा है कि खिलाड़ियों से लेकर क्रिकेट जिला संघ के पदाधिकारियों के बीच भी कहीं न कहीं आरसीए पर लगे बैन को हटाने की उहापोह चल रही थी। यही वजह है कि सीपी जोशी को जीत हासिल हुई। वहीं यह भी कहा जा रहा है कि पहले जिस तरह सरकार का सपोर्ट ललित मोदी को मिलता था, उनके बेटे को उस तरह का सपोर्ट नहीं मिल पाया। मोदी पर लगे आरोपों के बाद सरकार किसी भी तरह की मदद करने को तैयार नहीं थी। ऐसे में जिला संघ पदाधिकारियों ने रुचिर को अपना सपोर्ट नहीं दिया।
दरअसल, रुचिर मोदी को उनके पिता ने बैकडोर एंट्री करवाई थी। आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी ने अपने बेटे रुचिर मोदी को चेहरा बना कर फिर से आरपीए की सत्ता पर कब्जा करने का सपना देखा। इसके लिए उनकी राह में रोड़े थे। उनके रहते बीसीसीआई राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन को कोई भी सुविधा और मैच देने की तैयार नहीं थी।
ऐसे में ललित मोदी ने चोर रास्ते से अपने बेटे रुचिर मोदी को अलवर जिला क्रिकेट संघ का अध्यक्ष बनवाया। खूब बवाल हुआ। संघ के कई सदस्यों ने आरोप लगाया कि उन्हें चुनाव के बारे में कोई सूचना नहीं दी गई और मतदान गुपचुप तरीके से चुनाव करवा लिया गया।
गौरतलब है कि सीपी जोशी की ताजपोशी से पहले तक ललित मोदी राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष रहेंगे। कुल मिलाकर ललित मोदी की कोशिश यही थी कि बेटे को अलवर क्रिकेट संघ के रास्ते आरसीए की सत्ता पर काबिज कर सकें। लेकिन रुचिर की हार के बाद वे अपने मनसूबों में कामयाब नहीं हो सके।