एक मरीज को गोद में उठाकर ले जाता परिजन
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सरकारी अस्पतालों में व्यवस्थाएं वैसे तो भगवान भरोसे ही रहती है लेकिन जिनके भरोसे मरीज यहां आते है उन तक पहुंचने के लिए मरीजों को गोद में बैठकर आना पड़ रहा है। ऐसा ही नजारा इन दिनों अजमेर संभाग के सबसे बड़े जवाहर लाल नेहरू अस्पताल में देखने को मिल रही है जहां व्यवस्थाएं बद से बदतर होती जा रही है। आपातकालीन विभाग में आने वाले लोग अपने परिजनों को स्वयं ही उठाकर ले जा रहे हैं, यहां पर ट्राॅलीमैन तक मौजूद नहीं रहते, इससे मरीजों को और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
संभाग के सबसे बड़े जवाहर लाल नेहरू अस्पताल में आने वाले रोगियों को इलाज लेने में भी खासा परेशान होना पड़ रहा है। बता दें कि अस्पताल प्रशासन ने तीन ट्राॅलीमैन की डयूटी आपातकालीन विभाग के बाहर लगा रखी है लेकिन एक भी ट्राॅलीमैन यहां नजर नहीं आता।
आपातकालीन परिस्थिति में आने वाले लोगों को स्वयं ही गोद में उठाकर या ट्राॅली खींचकर ले जाना पड़ता है। इस संबंध में जब जानकारी जुटाई गई तो सामने आया कि स्वयं अस्पताल अधीक्षक डाॅ.विनय कुमार मल्होत्रा ही इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसके चलते यहां पोपाबाई का राज चल रहा है।