फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बड़े शहरों के मास्टर प्लान से जुड़ी जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने सुनवाई में जताया असंतोष

Thu, 12 Oct 2017 06:34 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
विज्ञापन
राजस्थान हाईकोर्ट - फोटो : demo pic
विज्ञापन
राजस्थान हाईकोर्ट की विशेष खंडपीठ ने प्रदेश के बड़े शहरों के मास्टर प्लान से जुड़ी एक याचिकाकर्ता की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए असंतोष जाहिर किया कि कब तक अतिक्रमण को नियमित करते रहोगे। कब्जों को हटाने की बजाय केवल उनका नियमितीकरण किया जा रहा है जो कि हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना है। वहीं गोचर भूमि के आंकड़े पेश करने के लिए समय मांगे जाने पर कहा गया कि 9 माह से केवल आदेश पारित करते जा रहे है और समय लेते रहे लेकिन अब ऐसा नही चलेगा। 
विज्ञापन


अब हाईकोर्ट मॉनीटर करेगा इसीलिए 14 अक्टूबर को अगली सुनवाई पर आंकड़े पेश करे। विशेष खंडपीठ में जस्टिस संगीत लोढ़ा व जस्टिस अरुण भंसाली ने सुनवाई करते हुए पेश की गई पालना रिपोर्ट के  बाद कहा कि सभी आदेशों की पालना करे केवल कुछ पालना कर इतिश्री नहीं करे। 

न्यायमित्र एमएस सिंघवी की ओर से भी आपत्ति दर्ज कराई गई वहीं जयपुर के याचिकाकर्ता पी.एन मन्डोलिया ने इसी में एक याचिका  पेश करते हुए प्रमुख शासन सचिव व कॉपरेटिव सचिव से जवाब तलब करने की मांग। याचिकाकर्ता ने जयपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि जयपुर में 10 करोड़ की रिश्वत का टर्नओवर चल रहा है।
विज्ञापन


हाईकोर्ट ने शिकायतकर्ता को लिंक देने के लिए निर्देश दिए ताकि शिकायतकर्ता अपनी शिकायत का स्टेटस ले सके। अब अगली सुनवाई में 14 अक्टूबर को गोचर लैंड से संबधित नये आंकड़े पेश करने होंगे।
विज्ञापन

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें