राजस्थान हाईकोर्ट की विशेष खंडपीठ ने प्रदेश के बड़े शहरों के मास्टर प्लान से जुड़ी एक याचिकाकर्ता की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए असंतोष जाहिर किया कि कब तक अतिक्रमण को नियमित करते रहोगे। कब्जों को हटाने की बजाय केवल उनका नियमितीकरण किया जा रहा है जो कि हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना है। वहीं गोचर भूमि के आंकड़े पेश करने के लिए समय मांगे जाने पर कहा गया कि 9 माह से केवल आदेश पारित करते जा रहे है और समय लेते रहे लेकिन अब ऐसा नही चलेगा।
अब हाईकोर्ट मॉनीटर करेगा इसीलिए 14 अक्टूबर को अगली सुनवाई पर आंकड़े पेश करे। विशेष खंडपीठ में जस्टिस संगीत लोढ़ा व जस्टिस अरुण भंसाली ने सुनवाई करते हुए पेश की गई पालना रिपोर्ट के बाद कहा कि सभी आदेशों की पालना करे केवल कुछ पालना कर इतिश्री नहीं करे।
न्यायमित्र एमएस सिंघवी की ओर से भी आपत्ति दर्ज कराई गई वहीं जयपुर के याचिकाकर्ता पी.एन मन्डोलिया ने इसी में एक याचिका पेश करते हुए प्रमुख शासन सचिव व कॉपरेटिव सचिव से जवाब तलब करने की मांग। याचिकाकर्ता ने जयपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि जयपुर में 10 करोड़ की रिश्वत का टर्नओवर चल रहा है।
हाईकोर्ट ने शिकायतकर्ता को लिंक देने के लिए निर्देश दिए ताकि शिकायतकर्ता अपनी शिकायत का स्टेटस ले सके। अब अगली सुनवाई में 14 अक्टूबर को गोचर लैंड से संबधित नये आंकड़े पेश करने होंगे।