राजस्थान महिला आयोग की अध्यक्ष सुमन शर्मा ने कहा कि आयोग में आने वाली शिकायतों का तुरंत निस्तारण किया जाता है जिससे महिलाओं को जल्दी न्याय मिल सके।
उन्होंने यह बात आज अलवर में पत्रकारों से कही। उन्होंने कहा कि जब आयोग में चेयरमैन पद पर ज्वॉइन किया था उस वक्त 32000 पेंडेंसी थी, जो अब जो घटकर 5000 रह गई है। उनका प्रयास यह है कि आगामी कुछ महीने में इसको 0 पेंडेंसी पर लाया जाए। महिलाओं पर बढ़ते अत्याचारों के संबंध में उन्होंने कहा कि अब उसमें सुधार की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई मामले ऐसे हैं जहां सिर्फ ब्लैकमेलिंग के लिए ही एफआईआर होती है और उसके बाद समझौता हो जाता है। ऐसे मामलों पर रोक लगाई जानी चाहिए।
लड़कियों की सुरक्षा के लिए बनाए गए ऐप के बारे में उन्होंने बताया कि अब लड़कियों के साथ—साथ लड़के भी उस ऐप का उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जयपुर और कोटा में जो हनी ट्रेप का मामला सामने आया है यह बहुत खतरनाक है जिसमें लड़कियां रसूखदारों को फंसाकर ब्लैकमेल करती हैं।