मानसून की बारिश ने इस बार स्वाइन फ्लू के डर को और बढ़ा दिया है। तपती गर्मी में चालीस डिग्री के तापमान पर ही 44 जानें लील चुके स्वाइन फ्लू का खतरा अभी टला नहीं है। बारिश शुरू होने के बाद कम होते तापमान पर स्वाइन फ्लू का वायरस और कहर ढहा सकता है।
एक्सपर्ट्स के अनुसार स्वाइन फ्लू का वायरस कम होते तापमान पर ज्यादा असर डालता है। लेकिन इस साल बिल्कुल उलट स्थिति देखने को मिली थी। इस साल गर्मियां चरम पर होने के बावजूद भी स्वाइन फ्लू के वायरस ने कई लोगों की जान ली।
आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में करीब चार सौ लोग स्वाइन फ्लू पॉजीटिव पाए गए हैं। ऐसे में अब स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ी हुई है कि बारिश के बार जैसे-जैसे तापमान में कमी होगी, तो कहीं इस वायरस का प्रभाव बढ़ न जाए।