स्वामी विवेकानंद का जयपुर और अलवर से गहरा नाता रहा है। स्वामी जी शिकागो जाते समय यहां रुके थे। इस दौरान वे जिस कमरे में ठहरे और जिस छतरी में उन्होंने ध्यान लगाया, वो आज भी उनकी मौजूदगी की गवाही दे रही है।
आज स्वामी विवेकानंद की जयंती है। विश्व धर्म सम्मेलन में हिस्सा लेने जब स्वामीजी शिकागो जा रहे थें तो वे अलवर और जयपुर में रुके। जानकारी के अनुसार, 25 फरवरी 1891 को वे अलवर पहुंचे और यहां विश्राम किया। उनका स्वागत अलवर के महाराजा ने किया।