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सात फेरों से पहले बना रहे 100 शौचालय, ताकि स्वच्छ बने भारत

Sun, 07 May 2017 04:42 PM IST
मनीष कुमार शर्मा/जयपुर
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खेड़ी गांव में बनाए जा रहे शौचालय - फोटो : amar ujala
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान ने राजस्थान के दूरदराज गांवों में रहने वाले लोगों के मन में भी खासी जागरूकता ला दी है। इसका ताजा उदाहरण है बूंदी जिला, जहां नैनवा पंचायत समिति में विवाह सम्मेलन से पहले सैकड़ों शौचालय बनवाए जा रहे हैं।
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जानकारी के अनुसार आगामी 10 मई को नैनवा पंचायत समिति के सहण पंचायत क्षेत्र में आने वाले खेड़ी गांव में सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। खेमजी महाराज देवस्थान पर होने वाले मीणा समाज के इस विवाह सम्मेलन में करीब 100 युवक—युवती परिणय सूत्र में बंधेंगे। इसे देखते हुए गांव के लोगों ने आपसी राय—मशविरा करने के बाद निर्णय लिया कि जब देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वच्छता को लेकर अभियान चला रहे हैं तो हमें भी उसमें सहयोग करना चाहिए।

ये सोचकर यहां सामूहिक विवाह सम्मेलन से पहले देवस्थान पर 100 शौचालय बनवाने का काम पिछले महीने की 21 तारीख को शुरू करवाया। इसके पीछे मकसद ये भी रहा कि सम्मेलन में शामिल होने वाले लोग शौच के लिए खेत का रास्ता नहीं पकड़ें, बल्कि शौचालय का उपयोग करें। साथ ही, नवविवाहित जोड़ों में भी ये संदेश जाए कि घर में शौचालय की क्या आवश्यकता है।
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कई तरह की बीमारियों से छुटकारा

खेड़ी गांव में जारी शौचालय निर्माण कार्य - फोटो : amar ujala
सहण ग्राम पंचायत के सरपंच शिवप्रसाद विजयवर्गीय ने बताया कि उनके इस कार्य में स्वच्छ भारत मिशन के पवन पंचारिया का काफी सहयोग रहा। उन्होंने ग्रामीणों के साथ कई बैठक और चर्चाएं करके लोगों को घर में शौचालय नहीं होने के नुकसान बताए।

उन्होंने बताया कि यदि हम घर में ही शौचालय बनाकर उसका उपयोग करते हैं तो कई तरह की बीमारियों से छुटकारा मिल सकता है। शिवप्रसाद ने बताया कि शौचालय बनाने के लिए पूरे गांव में जागरूकता लाने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसका नतीजा है कि लोगों ने जनसहयोग से ही 100 शौचालय का निर्माण करवा दिया। 10 मई तक सभी शौचालय बनकर तैयार हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि अब तो विवाह सम्मेलन में आने वाली मीणा समाज की युवतियां भी ससुराल वालों से घर में शौचालय होने के बारे में पूछने लगी हैं। ये उनके सामूहिक प्रयास की जीत है।

गौरतलब है कि अभी गांव में करीब दो हजार लोगों की आबादी है और 20 प्रतिशत घरों में ही शौचालय है। शिवप्रसाद का उद्देश्य पंचायत के साथ—साथ आसपास के गांवों को भी ओडीएफ मुक्त घोषित करवाना है। अभी उनके गांव के दस प्रतिशत घरों में ही शौचालय है।
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