गुर्जरों को आरक्षण का लाभ देने के लिए राजस्थान विधानसभा में पारित ओबीसी आरक्षण बिल—2017 पर रोक लगाने संबंधी हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है।
अदालत ने कहा है कि हाईकोर्ट को विधायिका की प्रक्रिया को रोकने का अधिकार नहीं है। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार इस प्रकरण में लंबित याचिका के निर्णय तय राज्य में पचास फीसदी से अधिक आरक्षण नहीं दे। अदालत ने हाईकोर्ट को प्रकरण का जल्द निस्तारण करने को भी कहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश राज्य सरकार की ओर से दायर एसएलपी पर सुनवाई करते हुए दिए। एसएलपी में हाईकोर्ट के 9 नवंबर को ओबीसी बिल-2017 की क्रियान्विति पर रोक लगाने के आदेश को चुनौती देते हुए कहा गया कि हाईकोर्ट को विधायिका की कार्रवाई व प्रक्रिया में दखल करने का अधिकार नहीं है।