राजस्थान में एक बार बड़े किसान आंदोलन की तैयारी है। इस बार इस आंदोलन का आगाज किसान पंचायत ने किया है। इसके तहत नौ जुलाई को राजस्थान में गांव बंद का आयोजन किया गया है।
किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने आज उदयपुर में प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारें किसानों को परेशान कर रही है जिसके चलते देशभर में किसान आंदोलन चल रहे है। राजस्थान की भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार चुनावी घोषणा पत्र में किए किसान हित के वादे भूलकर उनके आंदोलन को दबाने में लगी है। जाट ने कहा कि सरकार के खिलाफ इस आंदोलन की तैयारियां पूरी हो चुकी है।
गांवों में लहराएगा काला झंडा
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रामपाल जाट ने कहा कि महापंचायत के आह्वान पर राजस्थान के 45 हजार गांवों में गांव बंद आयोजित होगा। इस दौरान गांव से सब्जी, दूध, दही और अन्य सामान बाहर नहीं जाने दिया जाएगा। किसान हाथ पर काली पट्टी बांधेंगे और घरों पर काले झंडे लगाकर विरोध दर्ज कराएंगे।
उन्होंने दावा किया कि इस आंदोलन को 39 संगठनों ने समर्थन का दावा किया है। इस दौरान मंदसौर में किसान आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों को श्रद्धांंजलि दी जाएगी।
जाट के अनुसार राजस्थान के 23 लाख 32 बत्तीस हजार किसान को गत वित्तीय सत्र में लोन दिया गया। जिसका प्रति किसान परिवार 40 लाख, 5 हजार, 500 रुपए का ऋण बकाया है, जिसे माफ किया जाए। सरकार 365 दिन गांव में किसानों से उनका अनाज लागत मूल्य पर पचास फीसदी लाभांश देकर खरीदे। प्रदेश मे हालात यह है कि सरकार द्वारा मूंगफली, सरसों,बाजरा और मूंग की खरीद नहीं करने से 45 अरब रुपए से ज्यादा का घाटा किसानों को हुआ है।