कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के आईसीयू के बाहर एक हाथ में तलवार और दूसरे हाथ में फड़फड़ता मुर्गा लेकर इंतजार करता युवक और मूकदर्शक अस्पताल व पुलिस प्रशासन।
जी हां, ऐसा नजारा था मंगलवार को इस सरकारी अस्पताल में। दरअसल शहर के सबसे बड़े इस अस्पताल में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और उसके परिजनों ने अस्पताल से शव ले जाने से इंकार कर दिया। उनका कहना था कि उनका एक बाबा मृतक को जिंदा करेगा। इतना ही नहीं उन्होंने अस्पताल में एक तांत्रिक को बुला लिया और आईसीयू के भीतर ही तलवार से मुर्गा काटा गया। इसके बाद वह तांत्रिक शव के पास ही करीब चार घंटे तक टोने—टोटके करता रहा।
वहीं आईसीयू में भर्ती दूसरे मरीजों व उनके परिजनों की सांसे अटकी रहीं। हैरानी तब अधिक हुई जब वहीं मौजूद अस्पताल व पुलिस प्रशासन के लोग भी इस अंधविश्वास की घटना के गवाह बने रहे।
यह है पूरा मामला
दरअसल आठ अप्रेल का सिर में चोट लगे एक युवक हेमराज बंजारा को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे दो दिन पूर्व ही आईसीयू में वेंटिलेटर पर शिफ्ट किया गया था। लेकिन मंगलवार सुबह उसने दम तोड़ दिया। लेकिन अस्पताल में बड़ी संख्या में मौजूद उसके परिजनों ने शव को ले जाने से मना कर दिया।
उन्होंने कहा कि उनके बाबा इस युवक को एक घंटे में जिंदा कर देंगे। इसके बाद आए एक तांत्रिक ने आईसीयू में ही तलवार से मुर्गा काटा, नींबू काटा व तंत्र—मंत्र किए। लेकिन करीब चार घंटे बाद जब कुछ नहीं हुआ तो उसके मृतक के परिजन शव ले गए।
क्या अंधविश्वास से डरी पुलिस
अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को तो सूचना दी लेकिन पुलिसकर्मी दूर खड़े रहकर ही सब देखते रहे। वहीं नए बने इस आईसीयू में लोग बेधड़क बड़ी संख्या में आते—जाते रहे और गदंगी करते रहे।
वहीं मुर्गा काटने के कारण यहां भर्ती मरीजों में संक्रमण का खतरा भी पैदा हो गया।