जैन प्रतिमाएं निकाली गई गर्भगृह से बाहर
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जयपुर के पास सांगानेर में सोमवार को एक अनोखा आयोजन हुआ। 18 साल के बाद दिगंबर जैन संघी मंदिर के गर्भगृह से देव प्रतिमाएं निकाली गई। सालों बाद बाहर निकाली गई इन प्रतिमाओं को देखने के लिए जैन श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ गया। इस मौके पर कई धार्मिक आयोजन भी किए गए। सात दिन केबाद इन प्रतिमाओं को फिर से गर्भगृह में रखा जाएगा।
दरअसल इन देव प्रतिमाओं को जैन मुनि पुंगव सुधासागर महाराज के सान्निध्य में निकाला गया। इतने समय से ये प्रतिमाएं बहुमंजिला मंदिर के गर्भगृह में रखी गई थी। इन्हें निकाल कर अलौकिक अमृतसिद्धि दर्शन महोत्सव शुरू किया गया। सालों बाद बाहर आई इन प्रतिमाओं के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ लग ग।
जानकारी के मुताबिक सबसे पहले साल 1933 में गर्भ गृह से बाहर निकाला गया था। उसके बाद 1971, 1982,1992,1994 और 1999 में निकाला गया। अब करीब 18 साल बाद फिर से प्रतिमाओं के बाहर निकालकर उत्सव मनाया जा रहा है।
सात मंजिला मंदिर में दो मंजिलें ऊपर हैं तो पांच मंजिलें भूमिगत हैं, जिनमें गर्भगृह में प्रतिमाएं रखी जाती है। इस उत्सव के लिए खास इंतजाम भी किए गए। जिस मंच पर प्रतिमाओं को आसीन करवा गया है, उस मंच को विदेशों से लाए गए फूलों से सजाया गया है। स्वर्ण कलश से अभिषेक किया गया।