आईपीएल 2017 में इस बार अलग अलग टीमों से खेले प्रदेश के 5 खिलाड़ी अपनी चमक बिखेरने में नाकामयाब रहे। टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों में तो इन खिलाड़ियों को प्लेइंग इलेवन में जगह मिली बाद में इनके प्रदर्शन को देखते हुए टीमों ने इन्हें बाहर ही बैठाए रखा। नजर डालते हैं इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर नजर
अंकित सोनी: श्रीगंगानगर जिले के रहने वाले 19 वर्षीय अंकित सोनी को गुजरात लॉयंस की टीम ने खरीदा था। इस बार आईपीएल में अंकित ही एक मात्र ऐसे राजस्थानी प्लेयर हैं जिन्हें सबसे ज्यादा 7 मैच खेलने को मिले। अपने 7 मैचों में अंकित ने कुल 2 विकेट चटकाए। हालांकि अंकित को ज्यादा विकेट तो नहीं मिले मगर उन्होनें काफी किफायती गेंदबाजी करते हुए ज्यादा विकेट नहीं चटकाए।
अनिकेत चौधरी: आॅस्ट्रेलिया के सबसे तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क जैसी गेंदबाजी कराने वाले राजस्थान के तेज गेंदबाज अनिकेत चौधरी के लिए भी इसबार आईपीएल का सफर कुछ खास नहीं रहा। इस बार आईपीएल नीलामी में राजस्थान से खरीदे गए सबसे महंगे खिलाड़ी बने थे। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरु की ओर से खेले अनिकेत टीम के पहले ही मैच में प्लेइंग इलेवन में जगह बनाने में कामयाब हुए मगर उनकी कुछ ज्यादा ही पिटाई हो गई जिस कारण उन्हें टीम के अंतिम मैचों में ही खिलाया गया। अनिकेत ने कुल 5 मैच खेलते हुए 5 ही विकेट हासिल किए जबकि टीम के कप्तान विराट कोहली को उनसे कुछ ज्यादा ही उम्मीद थी।
नाथू सिंह: इस बार गुजरात लॉयंस की टीम में चुने गए नाथू से प्रदेशवासियों को काफी उम्मीदें थी मगर चोट के कारण इस बार भी आईपीएल में अपना पूरा सफर तय नहीं कर पाए। नाथू ने गुजरात की ओर से महज दो मैच खेलते हुए 1 विकेट हासिल किया।
दीपक चाहर:प्रदेश के एक और तेज गेंदबाज दीपक चाहर ने अपनी टीम पूणे सूपरजायंट्स की ओर से खेलते हुए तीन मैचों में केवल एक विकेट ही हासिल किया।
राहुल चाहर: आॅफ स्पिनर राहल चाहर भी पूणे सूपरजायंट्स की ओर से खेले मगर अपने 3 मैचों में उन्हें सिर्फ 2 विकेट से ही संतोश करना पड़ा। एक मैच राहुल खेले तो सही मगर उनसे उस मैच में बॉलिंग नहीं कराई गई।