भीलवाड़ा के अस्पताल में भर्ती मासूम
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एक दस साल की मासूम को ईलाज के नाम पर गर्म सलाख से दागने पर एक मासूम बच्ची की मौत हो गई। अंधविश्वास के चलते यह अमानवीय कदम उठाने वाला और कोई नहीं बल्कि बच्ची का दादा है।
मामला भीलवाड़ा के बोराणा के पास गुर्जरों का खेड़ा है। इस गांव में रहने वाले मनोहर सिंह की 10 साल की बेटी आशा को सर्दी—जुकाम हो गया था। कुछ दिन दवा दिलाई लेकिन, वह ठीक नहीं हुई। इस पर बच्ची के दादा गोपीलाल ने उसके पेट पर गरम लोहे से दाग दिया। जिससे आशा की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। पिता मनोहर सिंह उसे रायपुर के ही अस्पताल में लेकर गया। यहां चिकित्सकों ने बच्ची को भीलवाड़ा रैफर कर पुलिस को सूचना दे दी। इसी दौरान भीलवाड़ा से उसे अजमेर बड़े अस्पताल में ले जाया जा रहा था, जहां उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
गौरतलब है कि भीलवाड़ा में अब तक दर्जनों इस तरह के अंधविश्वास के मामले सामने आ चुके हैं। दस दिन पहले ही करेड़ा थाना इलाके में गांव रतनपुरा में दो साल के बच्चे को गर्म सलाखों से दागने की घटना सामने आई थी।