सुप्रीम कोर्ट ने भले ही अध्योध्या में राम मंदिर निर्माण मामले में याथस्थिति बरकरार रखने के निर्देश दिए हुए है। लेकिन राम जन्मभूमि न्यास वर्ष 1990 से ही लगातार मंदिर निर्माण की तैयारियों में लगा हुआ है।
मंदिर का जो प्रस्तावित डिजाइन है उसके अनुरूप यहां 1.75 लाख क्यूबिक फीट पत्थर का उपयोग होना है। इसे देखते हुए राजस्थान के भरतपुर से 18 ब्लॉक सैंडस्टोन अध्योध्या पहुंचाया गया है। मंदिर निर्माण के लिए अभी तक रामसेवकपुरम में एक लाख क्यूबिक फीट पत्थर पहुंच चुका है।
इन पत्थरों को अध्योध्या के रामसेवपुरम में रखवाया गया है। जहां वर्ष 1990 से पत्थरों पर नक्काशी का काम चल रहा है। इन सभी का उपयोग राम मंदिर निर्माण में किया जाना है।