मेवातियों के बारे में लोगों को अपनी राय बदलने की जरूरत है। मेवातियों को कमजोर और पिछड़ा कहने वालों को ये जानने की जरूरत है कि हम मेव भी राम और कृष्ण के वंशज हैं। हम आगे बढ़ रहे हैं। सरकार ने हमें बहुत कुछ दिया है। आगे भी बजट में मेवात के लिए कुछ ज्यादा ही चाहिए। ये बात बुधवार को राजस्थान की विधानसभा में अलवर जिले की रामगढ़ से कांग्रेस विधायक सफिया जुबेर ने कही।
कांग्रेस विधायक सफिया जुबेर ने मेव के बारे में अपनी बात रखी। उनके इस बयान के बाद से राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है। साफिया के इस बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब विधानसभा चुनाव की तैयारियां चल रही हैं।
मैंने इतिहास निकलवाया
विधायक सफिया जुबेर ने विधानसभा में कहा कि सच्चाई क्या है इसके लिए मैंने भी पूरा इतिहास निकलवाया है। तब जाकर पता चला कि मेव तो राम और कृष्ण के वंशज हैं। मेव अलवर, भरतपुर और नूंह और थोड़ा मथुरा में बसते हैं, जहां भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था।
भले ही धर्म परिवर्तन हो गया हो लेकिन खून वही है
चाहे धर्म परिवर्तन हो गया हो या कुछ भी हो गया हो, लेकिन खून तो आदमी का नहीं बदला। खून तो हममें राम और कृष्ण का ही है। तो इस बात को आप लोग ध्यान में रखें। इन्हें मेव नहीं मेवा समझें। इन्हें बार-बार पिछड़े ये और वो कहने की जरूरत नहीं है। अभी देखिए दस साल में ये कहां पहुंचेंगे। जब हम तीन विधायक सदन में हैं तो आगे और बढ़ेंगे। आप सोचो कि हम लोग आगे-आगे कहां तक पहुंच जाएंगे। उन्होंने अपनी बात को खत्म करते हुए कहा कि जब सीएम साहब बजट पर उत्तर देने आएंगे तो मेवात के लोगों को ज्यादा से ज्यादा सौगात देने की बात करेंगे।
चर्चा में रही जुबेर की जीत
राजस्थान में साल 2018 में 199 सीटों पर सात दिसंबर को मतदान हुआ था। एक सीट रामगढ़ पर मतदान बाद में हुआ था, क्योंकि बसपा प्रत्याशी लक्ष्मण सिंह का निधन हो गया था। इसलिए रामगढ़ पर मतदान जनवरी में हुआ तो 28 जनवरी को हुए मतदान में कांग्रेस प्रत्याशी सफिया जुबेर ने जीत दर्ज की थी। उनकी जीत चर्चा में रही, क्योंकि इनके जीतने के बाद ही विधानसभा में कांग्रेस की सीटों की संख्या बढ़कर 100 हो गई थी। साथ ही साथ महिला विधायकों की 24 हुई थी।