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JLF में पीसीसी चीफ ने कहा- सरकार उनकी, फिर ये सवाल हमसे क्यों?

Mon, 29 Jan 2018 05:02 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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सचिन पायलट - फोटो : twitter
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जेएलएफ के आखिरी दिन आज पॉलिटिक्स पर भी चर्चा हुई। इस दौरान पद्मावती विवाद, बेरोजगारी और लोकतंत्र समेत कई मद्दे उठे। 
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'डांस ऑफ डेमोक्रेसी' के दौरान भाजपा और कांग्रेस के दिग्गज एक मंच पर साथ नजर आए। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने पद्मावती विवाद के बहाने भाजपा सरकार पर निशाना साधा और कहा कि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और अधिकारी सब उनके है, फिर भी इस मामले को लेकर हमसे सवाल किए जा रहे हैं। इस बारे में भाजपा से पूछा जाना चाहिए। 

सचिन पायलट ने बेरोजगारी की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि देश में रोजगार की स्थिति तभी पटरी पर आएगी जब रोजगार का सिस्टम खेती पर आधारित होगा। उन्होंने कहा जिस दिन किसान ये सोचेगा कि मेरा बेटा भी बड़ा होकर किसान बनेगा, उस दिन स्थिति सही हो जाएगी। 
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लोकतंत्र और राजनीतिक दलों की स्थिति पर उन्होंने कहा कि राजनीति में आज किसी एक को आदर्श नहीं कहा जा सकता। संविधान ने उन्हें शक्ति दे रखी, लेकिन आदर्श नहीं बन पा रहे हैं। 
पायलट ने कहा कि बदलाव केवल मतदाता कर सकता है। देश में 40 पार्टियां है, हर पार्टी बेस्ट हो यह संभव नहीं है। एक सत्ता में और दूसरा विरोध में हो तभी अच्छी बहस हो सकती है।

पायलट ने कहा कि जब हम आजाद हुए तो माना गया था कि गरीब जनता के लिए लोकतंत्र ठीक नहीं है, लेकिन अब मैं मानता हूं कि हमने लोकतंत्र के अलावा कोई तरीका अपनाया होता तो हम ज्यादा बुरी हालत में होते। लोकतंत्र को अपना कर हिम्मत दिखाई और बहुत कुछ इसी से हासिल किया।
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अर्थव्यवस्था की पूछो तो कहते है-भारत माता की जय

लिटरेचर फेस्टिवल - फोटो : Amar Ujala
राज्य सभा से सांसद रह चुके बिहार के पवन के वर्मा की पार्टी जेडीयू एनडीए के साथ है, लेकिन जेएलएफ में वे देश की मौजूदा अर्थ व्यवस्था पर टिप्पणी करने से नहीं चूके। उन्होंने कहा कि फिलहाल, स्थिति ऐसी है कि सरकार से अर्थ व्यवस्था के बारे में पूछो तो वे बोलते हैं कि भारत माता की जय। 

किसी भी सहयोगी दल के लिए भी यह स्थिति अच्छी नहीं कही जाएगी। पवन के.वर्मा ने कहा कि हमारे लोकतंत्र में आपस में कहने-सुनने की भावना खत्म होती जा रही है। यह बहुत खतरनाक स्थिति है। इसके साथ देश में दो तरह के भारत दिखते हैं और एक भारत के पास लोकतंत्र के फायदे आज भी पहुंचते नहीं दिख रहे है। सामान्य नागरिक की लोकतंत्र मे भागीदारी को कम करने की कोशिश चल रही है। 

भाजपा नेता ज्योति किरण ने कहा कि पद्मावत को लेकर मैं तो वही कह रही हूं जो गृह मंत्री ने कहा है। कानून व्यवस्था को लेकर पूरा ध्यान रखा जाएगा।
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