एक बाघ के नेशनल हाईवे के आसपास इलाके में मूवमेंट ने चिंता बढ़ा दी है और बाघ पर हरपल मौत का खतरा मंडरा रहा है। मामला बूंदी जिले का है जहां बाघ टी-91 राष्ट्रीय राजमार्ग -52 को क्रॉस कर कालदां के जंगलों में पहुंच गया।
बाघ के ताजा पगमार्क रविवार को कालन्दा के जंगल में वन विभाग की टीम को मिले हैं। बाघ अभी तक रामगढ़ विषधारी अभयारण्य के जंगलों में ही घूम रहा था। बाघ के राष्ट्रीय राजमार्ग पार कर कालन्दा के जंगलों में पहुंचने के बाद वन विभाग के अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है। रेंजर विष्णु गुप्ता ने बताया कि कलन्दा के जंगल में पगमार्क मिलने के बाद वनकर्मी लगातार बाघ की ट्रेकिंग करने में लगे हुए है।
जानकार सूत्रों ने बताया कि बाघ के कालदां के जंगलों में पहुंचने पर सुरक्षा बढ़ानी होगी। पूर्व मानद वन्यजीव प्रतिपालक पृथ्वीसिंह राजावत ने बताया कि इस जंगल में सुरक्षा बढ़ाने को लेकर पहले भी मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक को पत्र लिखा था। उन्होंने बताया कि जंगल में सुरक्षा इंतजाम को लेकर चिंता हो रही है। वन विभाग को इस पर ध्यान देना होगा।