बहुचर्चित रुद्राक्ष अपहरण एवं हत्याकांड का फैसला आते ही खचाखच भरी अदालत के बाहर खड़े मासूम रुद्राक्ष के माता-पिता फफक-फफककर रो पड़े। करीब साढ़े तीन साल पहले सात साल के मासूम को टॉफी देने के बहाने पार्क से उठाकर 2 करोड़ रुपए मांगे गए थे, लेकिन आरोपी ने उसे मारकर नहर में फेंक दिया था।
राजस्थान के कोटा में हुई इस दिल दहला देनेवाली घटना के बाद लोगों ने कहा था कि यदि फांसी से भी कोई बड़ी सजा हो, तो आरोपियों को वह सजा मिलनी चाहिए। रुद्राक्ष अपहरण और हत्याकांड का आज फैसला आते ही कोटा के तलवंडी निवासी बैंक मेनेजर पिता एम.एम. हंडा और उनकी पत्नी फफक पड़े, दोनों ने कहा कि उन्हें न्याय मिला है।
रुद्राक्ष की मां ने भावुक होकर कहा कि उनके बेटे के पार्क से गायब होने से लेकर अब तक वे रोज तिल-तिल मरे हैं। हमारा बेटा तो अब लौटकर नहीं आ सकता।