राइट टू हेल्थ बिल को लेकर पायलट से मिल डॉक्टर
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डॉक्टर्स संघर्ष समिति के सदस्य आज पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट से मिलने उनके आवास पर पहुंचे। दोनों पक्षों के बीच लगभग 45 मिनिट तक वार्ता का दौर चला। इस दौरान डॉक्टर्स ने राइट टू हेल्थ बिल के नुकसान और उनकी समस्याओं से सचिन पायलट को अवगत करवाया। सचिन पायलट ने भी डॉक्टर्स की आवाज को अपनी सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
डॉक्टर्स से मिलने के बाद पायलट ने प्रेसवार्ता में कहा कि राइट टू हेल्थ हमारी सरकार की एक अच्छी पहल है, परंतु आज डॉक्टर्स की हड़ताल के कारण जो नुकसान आम जनता को हो रहा है हमको उसका भी ध्यान रखना होगा। पायलट ने कहा कि डॉक्टर्स भी जन सेवा का काम कर रहे हैं। हमारा फर्ज है कि हम उनकी भी बात को सुनें और संभव समाधान निकलने का प्रयास करें।
बातचीत से हल निकालना चाहिए
पायलट बोले कि हमने राइट टू एजुकेशन दिया। राइट टू सोशल सिक्योरिटी दिया। उसी प्रकार राइट टू हेल्थ भी एक बेहतरीन बिल है, परंतु अगर किसी को उससे कोई समस्या हो रही है तो हमको उसकी बात सुनकर हल निकालना चाहिए। सचिन पायलट ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि किसी को भी अड़ियल रवैया नहीं रखना चाहिए, बातचीत होनी चाहिए।
तीन बार मौका मिला पर नहीं हो पाई मुलाकात
प्रदेश में चल रही हड़ताल को 12 दिन हो चुके हैं और अभी तक भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से डॉक्टर्स की मुलाकात नहीं हो पाई है। तीन बार समय मिला परंतु फिर किसी कारण से मुलाकात को रद्द कर दिया गया था। वहीं, चिकित्सा मंत्री प्रसादी लाल मीणा डॉक्टर्स से बातचीत को तैयार हैं, परंतु बिल वापसी पर कोई भी चर्चा नहीं होगी वो स्पष्ट कर चुके हैं। डॉक्टर्स भी मुख्यमंत्री गहलोत से ही बातचीत पर अड़े हुए हैं।