राजस्थान हाईकोर्ट ने अजमेर के संरक्षित स्मारकों से अतिक्रमण नहीं हटाने पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि 4 सितंबर तक अतिक्रमण हटाकर रिपोर्ट पेश की जाए। ऐसा नहीं करने पर अदालत ने कलक्टर के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई आरंभ करने के आदेश दिए हैं।
न्यायाधीश केएस झवेरी और न्यायाधीश इन्द्रजीतसिंह की खंडपीठ ने यह आदेश प्रबुद्ध मंच की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। सुनवाई के दौरान अदालत ने नाराजगी जताते हुए कहा कि कलक्टर को अतिक्रमणों के संबंध में पेश होकर रिपोर्ट पेश करनी थी, लेकिन ना तो वे पेश हुए और ना ही कोई रिपोर्ट पेश की गई। वहीं पुरातत्व विभाग की ओर से एएसजी आरडी रस्तोगी ने अदालत को बताया कि विभाग ने स्मारकों से 187 अवैध निर्माणों को चिन्हित किया है। इन्हें हटाने की जिम्मेदारी कलक्टर की है। ऐसे में उन्हें पत्र लिखकर कार्रवाई के लिए कहा जा चुका है। इस पर अदालत ने कलक्टर को अतिक्रमण हटाकर रिपोर्ट पेश करने की चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाएगी।
याचिका में अधिवक्ता एसके सिंह ने अदालत को बताया कि अजमेर में मैगजीन नामक पुरातत्व स्मारक है। यहां मुगल शासक जहांगीर ने ईस्ट इंडिया कंपनी को देश में व्यापार करने के लिए सर थॉमस को अनुमति दी थी। इसके साथ ही आना सागर के पास बारागरी स्मारक है।