देश के अलग-अलग हिस्से अभी भी बाढ़ से जूझ रहें है। लेकिन जिन क्षेत्रों में बाढ़ का पानी कम होने लगा है वहां राहत कार्य तेज किए गए।
हालांकि अभी भी बाढ़ से हुई तबाही से उबरने में लोगों को लंबा वक्त मिलेगा। वहीं राजस्थान के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में उत्पन्न समस्याओं से निपटने के लिए 1550 करोड़ के राहत पैकेज की मांग की गई है। गौरतलब है कि बाढ़ प्रभावित चार जिलों जालोर, पाली, सिरोही व बाड़मेर में हजारों एकड़ की फसल बर्बाद हो गई।
इन जिलों में ऐसे करीब 1290 गांव है जिनमें खराबे की रिपोर्ट तैयार की गई है। बर्बाद हुई खेती का मूल्य करीब 550 करोड़ रुपए आंका जा रहा है। वहीं बाढ़ प्रभावित जिलों में स्थिति सामान्य करने के लिए सेना के साथ एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीमें दिन रात जुटी हुई है।
वहीं राज्य के अलग-अलग हिस्सों से भेजी गई चिकित्सा टीमों ने अभी तक करीब चार हजार लोगों का उपचार इन क्षेत्रों में किया है। बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित जालोर जिले गांवों में बिजली व पानी की व्यवस्था पुन: बहाल करने के लिए सरकार के बड़े अधिकारियों ने यहां डेरा डाला हुआ है।