फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

RCA ELECTION: राजनीति के दांव पेचों से क्रिकेट हुआ चित

Mon, 29 May 2017 04:18 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
विज्ञापन
आरसीए चुनाव - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
बीसीसीआई से संबधित किसी भी क्रिकेट संघ के चुनावों को लेकर इतनी चर्चा नहीं होती है जितनी की राजस्थान क्रिकेट संघ के चुनावों पर नजर रखी जाती है। मनी लॉन्ड्रिंग केस में भगौड़ा घोषित किए गए पूर्व आरसीए अध्यक्ष और आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी के कारण राजस्थान क्रिकेट संघ सबसे ज्यादा चर्चाओं में रहा है।
विज्ञापन


मोदी राज में राजस्थान क्रिकेट के दिन तो फिरे ही थे मगर उन्हीं के कारण ना मिटने वाले दाग भी लगे। लिहाजा राजस्थान को बीसीसीआई द्वारा निलंबन अब तक झेलना पड़ा। हालत ये है कि दो बार की लगातार रणजी चैंपियन राजस्थान को रणजी मैचों में भी बिना लोगो और नाम के उतरना पड़ रहा है। कुल मिलाकर यूं कहे तो राजस्थान क्रिकेट को लेकर हो रही राजनीति के बीच यदि किसी को सबसे ज्यादा नुकसान झेलना पड़ा है तो वो है क्रिकेट और खिलाड़ियों को। आरसीए के बीसीसीआई द्वारा निलंबित होने के बाद से ही राजस्थान में लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों का आयोजन नहीं हुआ।

यहां तक की पर्यटन के क्षेत्र को भी इसका काफी नुकसान उठाना पड़ा क्योंकि आईपीएल मैचों के दौरान जयपुर में पर्यटकों की संख्या में काफी इजाफा हुआ करता था। निलंबन के कारण ही राजस्थान के खिलाड़ियों की अनदेखी भी कोई नई बात नहीं है और इसका मुख्य कारण रहा बीसीसीआई की सलेक्शन कमिटी में किसी पूर्व राजस्थानी खिलाड़ी का ना होना। 
विज्ञापन


राजस्थान के एकमात्र इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम सवाई मानसिंह मैदान की हालत भी दिन ब दिन खराब होती जा रही है। स्टेडियम के विकास पर ना तो राज्य सरकार ने कभी ध्यान दिया और ना ही बीसीसीआई ने इसमें कोई रुचि दिखाई।

आरसीए चुनावों के नतीजे जो भी हो लेकिन देश के सबसे बड़े राज्य में देश का ही सबसे लोकप्रिय खेल अपनी दुर्दशा पर फिर से बदहाली के आंसू ना रोए यही खेल से जुड़ा हर एक खिलाड़ी और खेलप्रेमी दुआ कर रहे हैं।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें