राजस्थान हाईकोर्ट ने आरएएस भर्ती-2016 में एसबीसी वर्ग को आरक्षण देने पर चयन प्रक्रिया को रद्द कर दिया है। अदालत ने भर्ती की प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम में संशोधन कर नए सिरे से चयन प्रक्रिया आरंभ करने के आदेश दिए हैं।
इसके साथ ही आरपीएससी की कार्यप्रणाली को न्यायालय की अवमानना मानते हुए आयोग के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई अमल में लाने के लिए हाईकोर्ट प्रशासन को निर्देश दिए हैं।
न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश निधि शेखर शर्मा व अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
याचिका में अधिवक्ता शोभित तिवाड़ी ने अदालत को बताया कि हाईकोर्ट ने गत वर्ष 9 दिसंबर को एसबीसी आरक्षण अधिनियम 2015 को रद्द कर दिया था। वहीं राज्य सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने गत 3 फरवरी को आदेश जारी कर एसबीसी अधिनियम के आधार पर दी गई नियुक्तियों पर यथा-स्थिति के आदेश देते हुए नई भर्ती में एसबीसी आरक्षण का लाभ नहीं देने के आदेश दिए थे। इस पर याचिकाकर्ता की ओर से गत 21 मार्च को याचिका दायर कर कहा गया कि आरपीएससी ने आरएएस भर्ती-2016 की प्रारंभिक परीक्षा के 15 सितंबर 2016 और 1 दिसंबर 2016 को जारी परिणाम में एसबीसी के लिए अलग कट ऑफ जारी की।
इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने गत 9 मई को आदेश जारी कर विभिन्न सेवाओं के चयनित एसबीसी के 1252 अभ्यर्थियों को तदर्थ नियुक्ति देने के आदेश देते हुए स्पष्ट किया कि राज्य सरकार विज्ञापित पदों व भविष्य में होने वाली भर्तियों में एसबीसी आरक्षण का लाभ नहीं देगी।