प्रदेश की बढ़ती आबादी पर अब छाया नाम की ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव पिल और अंतरा नाम का इंजेक्शन लगाम लगाएंगे। इसके लिए चिकित्सा विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी है। जल्द ही पूरे प्रदेश में इनका निशुल्क वितरण किया जाएगा।
दरअसल, छाया पिल्स और अंतरा इंजेक्शन के जरिये ऐसी महिलाओं को लाभ होगा जो गर्भनिरोधक गोलियों के दुष्प्रभावों से परेशान हैं। चिकित्सा विभाग के अनुसार छाया और अंतरा का महिलाओं के शरीर पर कोई साइड इफेक्ट नहीं होगा और ना ही किसी तरह की शारीरिक कमजोरी उन्हें महसूस होगी। महिलाएं जब तक छाया पिल का सेवन करेंगी उन्हें गर्भधारण नहीं होगा। जब उन्हें मां बनना हो तो वे इन पिल्स का सेवन बंद कर सकती हैं। प्रदेश के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों और सरकारी अस्पतालों में ये पिल्स और इंजेक्शन निशुल्क वितरित किए जाएंगे। इसके लिए आशा सहयोगिनियों को प्रशिक्षित भी किया जाएगा, ताकि वे दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में रहने वाली महिलाओं को जनसंख्या नियंत्रण के लिए प्रेरित कर सकें।
सूत्रों का कहना है कि छाया और अंतरा का सबसे बड़ा फायदा ये होगा कि इनका सेवन महिलाओं को नियमित नहीं करना पड़ेगा। तीन महीने तक हर सप्ताह दो पिल्स लेनी होगी और उसके बाद पिल्स की संख्या घटकर हर सप्ताह एक हो जाएगी। यदि कोई महिला पिल्स नहीं लेना चाहती है तो उसे अंतरा इंजेक्शन की साल में चार डोज लेनी होगी।
उधर, इस सम्बंध में चिकित्सा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि केन्द्र सरकार की ओर से सप्लाई आने के बाद प्रदेश में इनका निशुल्क वितरण शुरू हो जाएगा। जल्द ही यह सप्लाई मिलने वाली है।