राजस्थान में संपूर्ण शराब बंदी को लेकर चल रहे आन्दोलन जस्टिस फॉर छाबड़ा जी संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूनम अंकुर छाबड़ा ने एक बार फिर से सरकार को आड़े हाथों लिया है।छाबड़ा ने कहा कि है कि शराब के कारण पूरे प्रदेश का वातावरण दूषित है, घर परिवार तबाह हो रहे है, लगातार रिश्तों को शर्मशार करने वाली घटनाओं में इजाफा हो रहा है, शराब के कारण इंसान अपनी इंसानियत खोता जा रहा है।इस सब की दोषी यह मूक बनी सरकार है जो शराब के प्रचलन को लगातार बढ़ावा दे रही है।
छाबड़ा ने 4 वर्षीय बालिका के साथ उसके शराबी पिता द्वारा दुष्कर्म किए जाने की घटना का हवाला देते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में शराब पीने के कारण बलात्कार की घटनाओं को अपराधी खुले आम अंजाम दे रहे हैं और यह सरकार इस शराब रुपी राक्षस की सहयोगी बनी हुई है अपने लालच के लिए सरकार आमजन की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही हैं जस्टिस फॉर छाबड़ा संगठन इस घिनौने कांड की निंदा करता है और सरकार से मांग करता है कि तुरंत कार्यवाही करते हुए ऐसे राक्षस को फांसी की सजा दी जाए ।
अनशन की चेतावनी
शराबबंदी को लेकर जनांदोलन कर रहीं पूनम छाबड़ा ने चेतावनी देते हुए कहा है कि सरकार अगर 8 जून 2017 तक शराब बंदी की ओर नहीं बढ़ती तो मैं 9 जून 2017 को गुरुशरण जी छाबड़ा की जयंती से अनशन करने जा रही हूं और प्रदेश के हित के लिए अगर मेरी शहादत भी हो जाती है तो मेरा सौभाग्य होगा।