मारपीट के मामले में पीड़ित को साढ़े 32 साल बाद न्याय मिला है। इस दौरान चार आरोपी तो दुनिया से जा चुके हैं और बाकी भी उम्र के अंतिम पड़ाव पर है। न्यायालय ने इस मामले में पांच अभियुक्तों को तीन साल की सजा सुनाई है।
अपर लोक अभियोजक मातादीन मीणा के अनुसार नीमकाथाना इलाके के मीणा की नांगल निवासी तुलसीराम पुत्र सीताराम यादव तीन अगस्त 1985 को रिश्तेदार से मिलने ढाणी राड़ियान गया था। वहां से लौटते समय अर्जुन पुत्र नानगराम, सावता पुत्र अर्जुन, सन्तरा पत्नी सावता , श्रवण पत्नी अर्जुन, मूलचन्द, राजेन्द्र, उमराव, रामेश्वर पुत्रान अर्जुन राजो पत्नी मूलचन्द निवासी ढाणी रङियान तन राजपुरा थाना पाटन ने बर्छी, लाठी आदि से तुलसीराम पर हमला कर दिया था। इससे तुलसीराम के एक हाथ की सभी अगुलियां व अंगूठा कट गया था और भी चोटें आई थीं।