सीकर नगर परिषद क्षेत्र में इन दिनों पट्टे जारी करने को लेकर जुबानी जंग छिड़ी हुई है। इसको लेकर परिषद सभापति और नगर सुधार न्यास के सचिव आमने-सामने हैं। सभापति जीवन खान ने यूआईटी सचिव पर अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर कार्य करने और चुने हुए बोर्ड के कार्य में दखलंदाजी करने जैसे कई गम्भीर आरोप लगाए हैं।
सभापति ने न्यास सचिव की कार्यशैली को अलोकतांत्रिक बताते हुए उन पर नगर परिषद को राजस्व का नुकसान पहुंचाने के आरोप भी जड़े। सभापति ने प्रेसवार्ता में खुल कर यूआईटी सचिव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने राज्य सरकार के जारी आदेशों का हवाला देते हए बताया कि न्यास का कार्यक्षेत्र नगर परिषद की सीमा से बाहर है, जबकि सचिव उसका उल्लंघन कर नगर परिषद सीमा में रहने वाले लोगों को भ्रमित कर उनके पट्टों के आवेदन ले रहे हैं। उनका यह आचरण अलोकतांत्रिक और गैर मर्यादित है। न्यास सचिव के काम काज का तरीका जनता में भय पैदा करने वाला है।
उन्होंने बताया कि न्यास सचिव नगर परिषद और यूआईटी के सीमा क्षेत्र को लेकर आम जनता को गुमराह करने वाली भ्रामक बयानबाजी कर रहे हैं। इसको लेकर उन्होंने जिला कलेक्टर और राज्य सरकार को कार्रवाई के लिखा है। सभापति ने बताया कि वे जल्दी ही यूआईटी चेयरमेन, क्षेत्रीय विधायक और सांसद से मिलकर सचिव की कार्यप्रणाली की शिकायत करेंगे। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं हुई तो वे कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।