राजस्थान में गुर्जर आंदोलन के दौरान रेल की पटरियां उखाड़ने वाले आरोपियों को एक विशेष अदालत ने बरी कर दिया है।
जानकारी के अनुसार सीबीआई मामलों की विशेष अदालत ने मई 2008 में गुर्जर आरक्षण आंदोलन के दौरान रेल पटरियां उखाड़ने के मामले में आरोपी शिवप्रसाद, महेन्द्रसिंह, राजेश और रामावतार गुर्जर को बरी कर दिया है।
अदालत में चली लंबी सुनवाई के दौरान मुकदमा दर्ज कराने वाले रेलकर्मी कालूराम मीणा सहित अभियोजन पक्ष के 13 गवाह बयानों से मुकर गए। मामले के अनुसार गुर्जर आरक्षण आंदोलन के दौरान 24 से 30 मई 2008 तक दौसा के बांदीकुई-बसवा रेलमार्ग पर रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जिस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र पेश किया था।