संजय लीला भंसाली की विवादित फिल्म 'पद्मावती' ने एक बार पुन: राजनेताओं को देश के भूले-बिसरे इतिहास को सहेजने की याद दिलाई है। फिल्म 'पद्मावती' का भविष्य भले ही अभी तक तय नहीं हुआ है, लेकिन राजस्थान सरकार ने महारानी पद्मिनी को मूर्त रूप देने का जरुर निर्णय किया है। दरअसल जिस महारानी पद्मिनी के जौहर की गाथा का इतिहास अभी तक पढ़ाया जा रहा है, उन महारानी की प्रतिमा अब उदयपुर में लगाई जाएगी।
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कई और शूरवीरों की प्रतिमाएं हो रही हैं तैयार
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महारानी पद्मिनी पैलेस चित्तौड़गढ़
जानकारी के अनुसार यह प्रतिमा जयपुर में तैयार की जा रही हैं। हालांकि उदयपुर में महारानी पद्मिनी की प्रतिमा के साथ बप्पा रावल, राणा कुंभा, राणा सांगा सहित अन्य कई शूरवीरों की भी प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं। जिन्हें एक साथ उदयपुर में लगाया जाएगा। जानकारी के अनुसार महारानी पद्मिनी की प्रतिमा को इस तरह तैयार किया जा रहा है, जिसमें वे जौहर के लिए जाती हुई प्रतीत होंगी।
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नहीं हो सकी है अभी तक रिलीज
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डेमो इमेज
गौरतलब है कि भंसाली प्रोडेक्शन की फिल्म 'पद्मावती' के विवाद ने महारानी पद्मिनी के इतिहास की और दुनियाभर के लोगों का ध्यान खींचा है। संजय लीला भंसाली पर आरोप है कि उन्होंने फिल्म 'पद्मावती' में महारानी पद्मिनी को गलत तरीके से दिखाया है। इसलिए करणी सेना व देशभर में अलग-अलग संगठनों के विरोध प्रदर्शन के चलते फिल्म रिलीज नहीं हो सकी।
कई राज्यों ने लगाया इस फिल्म पर बैन
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संजय लीला भंसाली
यह फिल्म बीते एक दिसंबर को रिलीज होनी थी। लेकिन संसद की कमेटी ने भी फिल्म को लेकर आपत्ति जताई थी। हालांकि फिल्म में कुछ बदलाव के बाद इसे जल्द ही रिलीज करने पर भी प्रोडेक्शन हाउस विचार कर रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि 190 करोड़ के बजट वाली यह फिल्म फरवरी में रिलीज हो सकती है। फिल्म विवादित है इसलिए पंजाब, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश सहित अन्य कई राज्यों में फिल्म रिलीज से पहले ही बैन हो चुकी है।
इसके अतिरिक्त जयपुर में फिल्म के विरोध में एक युवक की मौत भी इस फिल्म के निर्माताओं पर सवाल खड़ा कर चुकी है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि युवक चेतन सैनी ने फिल्म के विरोध में आत्महत्या की थी या उसकी हत्या हुई थी। लेकिन नाहरगढ़ में जहां युवक का शव लटका हुआ मिला था वहां पत्थरों पर पद्मावती फिल्म के विरोध में विवादित बातें लिखी हुई थी।