मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सचिन पायलट को लेकर बयान दिया था। मुख्यमंत्री ने इशारों-इशारों में कहा कि था कि बिना रगड़ाई के कुछ लोगों को मौका मिल गया। वो फितूर कर रहे हैं। उनके इस बयान पर गहलोत सरकार में मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने पलटवार किया है।
राजेंद्र गुढ़ा ने कहा कि आदि शंकराचार्य ने महज 33 साल की उम्र में दुनिया में अपना नाम कर लिया था। सिकंदर 27 साल की उम्र में दुनिया जीत चुका था। ऐसे में साफ है कि नौजवानों ने परिणाम दिए हैं। युवावस्था में अशोक गहलोत ने बेहतरीन करके दिखाया था, जिसे प्रदेश की जनता ने भी हाथों हाथ लिया लेकिन आज उनका युवाओं के प्रति विचार सही नहीं है।
गुढ़ा ने आगे कहा कि अनुभव का कोई मुकाबला नहीं है लेकिन अनुभव के आगे युवा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। आज सचिन पायलट की जो उम्र है, उसमें अशोक गहलोत मुख्यमंत्री बन गए थे। उस समय भी बड़े नेताओं को दरकिनार कर आलाकमान ने अशोक गहलोत को अवसर दिया था।
वहीं राजेंद्र गुढ़ा ने गजेंद्र सिंह शेखावत के बयान पर भी जवाब दिया। शेखावत ने गुढ़ा को बिन पेंदा का लोटा कहा था। गुढ़ा ने कहा कि सावन के अंधे को हरा ही हरा दिखता है। मैं उनको इस बयान पर जोधपुर में जाकर ही जवाब दूंगा।