सरकार और किसान संघ के नेताओं के बीच करीब 10 घंटे तक बातचीत चली
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भारतीय किसान संघ के आह्वान पर राजस्थान में चल रहा किसान आंदोलन सोमवार की रात समाप्त हो गया है। इससे पहले सरकार और किसान संघ के नेताओं के बीच करीब 10 घंटे तक बातचीत चली। हालांकि कर्ज माफी का मामले में सरकार ने कोई ठोस भरोसा किसान संघ को नहीं दिया है।
भारतीय किसान संघ की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष मणिलाल लबाना ने बताया कि सरकार ने किसान संघ की सभी प्रमुख मांगों को मान लिया है। बातचीत सौहार्दपूर्ण रही है। इसे देखते हुए संभाग स्तर पर चल रहे महापड़ाव को समाप्त कर दिया गया है तथा सोमवार से प्रस्तावित आंदोलन का अगला चरण जिसमें मंडी बंद करने समेत कई घोषणाएं की गई थी, वापस ले लिया है। संभाग मुख्यालयों पर पड़ाव 15 जून से जारी था। सोमवार को महापड़ाव पर बैठे किसानों ने गिरफ्तारियां दी थी और मंगलवार से आंदोलन तेज करते हुए मंडिया बंद करवाने एवं गांव से संग्राम की घोषणा की थी।
इससे पहले गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया, सहकारिता मंत्री अजय सिंह किलक, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी तथा अन्य मंत्रियों के साथ किसान संघ के प्रतिनिधि मंडल में वार्ता हुई। कर्ज माफी के मामले में केवल ब्याज खत्म करने, विधानसभा के आगामी सत्र में एक दिन किसानों की समस्याओं पर विशेष चर्चा करवाने, शंट कैपेसिटर लगवाने की अनिवार्यता को समाप्त करने, बिजली के बकाया कनेक्शन जारी करने, खराब ट्रांसफार्मर बदलने के लिए समय तय करने, समर्थन मूल्य को लागत के आधार पर तय करने के लिए प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने समेत कई मांगें मान ली गई है। समर्थन मूल्य पर प्याज की खरीद के लिए भी प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद इसकी खरीद के आदेश राज्य सरकार जारी करेगी।