जीएसटी के कारण हो रही व्यापरियों को परेशानी रुकने का नाम ही नहीं ले रही है। वहीं व्यापारियों के कई सवालों का सरकार के पास भी कोई जवाब नहीं है। इसलिए व्यापारी अब कोर्ट की शरण में पहुंच रहे है। ऐसे ही एक मामला में राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि सरकार स्पष्ट करे कि टैक्स के लिहाल से लहसुन सब्जी है या मसाला। क्योंकि यदि लहसुन मसाले के तौर पर मंडी पहुंचता है उस पर टैक्स लगता है जबकि सब्जी के तौर पर लहसुन पर कोई टैक्स नहीं है।
व्यापारी हो रहे है परेशान
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वहीं सरकार ने लहसुन को सब्जी व मसाले दोनों के तौर पर टैक्स लिस्ट में सम्मलित कर रखा है। दरअसल जोधपुर के एक व्यापारी संघ ने इस मामले में याचिका लगाई है। जिसकी सोमवार को हुए सुनवाई हाईकोर्ट सरकार के पक्ष से नाराज दिखा। न्यायधीश संगीतराज लोढा ओर विनीत माथुर की खण्डपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। वहीं अतिरिक्त महाधिवक्ता श्याम सुंदर ने जवाब के लिए हाईकोर्ट से एक दिन का समय मांगा है। जिसके चलते आज पुन: इस मामले की सुनवाई होगी।