राजस्थान सरकार और सेवारत चिकित्सकों के बीच चल रही रस्सा-कस्सी के बीच मरीजों की परेशानी अभी कायम है। पिछले कई दिनों से मरीज परेशान हो रहे हैं। इस बीच सरकार के चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ ने अपना पक्ष रखा और चिकित्सकों के रुख को अड़ियल बताया।
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि 12 नवंबर को जिन 18 बातों पर चर्चा हुई उनकी क्रियान्विति हुई है। चिकित्सा संस्थानों में कैमरे लगाने की मांग पर, ग्रामीण चिकित्सकों को ग्रामीण भत्ता 1000 रुपए देने और चिकित्सकों को पीएम भत्ता बढ़ाने के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
विधि सहायक का पद सृजित कर दिए गए हैं। दस सीएमएचओ के ऑफिसों के लिए वाहनों की स्वीकृति, इंटर्नशिप में भत्ते बढ़ाने की मांग पूरी करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। चिकित्सा मंत्री ने कहा कि डॉक्टर्स की मांगे मान ली गई हैं और कुछ पर कार्यवाही जारी है। इन मांगों से सरकार पर कुल मिलाकर 127 करोड़ रुपए से ज्यादा का भार आएगा।
अतिरिक्त निदेशक के पद पर भी चिकित्सक लगाया है, नीम हकीमों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सेल गठित कर दिया गया है। एकल पारी की मांग पर कार्यवाही जारी है।